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New Delhi
नई दिल्ली, 23 अक्तूबरः दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी में आज के वक्त यहां अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा की अध्यक्षता में हुई कमेटी की मीटिंग में आर्थिक स्थिति की समीक्षा की गई और अगले सुधारों की रूपरेखा तैयार की गई। मीटिंग में महासचिव हरमीत सिंह कालका, उपाध्यक्ष व एजुकेशन कमेटी चेयरमैन कुलवंत सिंह बाठ, सयुंक्त सचिव हरविंदर सिंह के.पी, सलाहकार परमजीत सिंह चंडोक व अन्य पदाधिकारी शामिल थे।
कमेटी के प्रवक्ता सुदीप सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि जी.के को हटाये जाने के बाद कमेटी में बड़े आर्थिक सुधार हुए हैं। उन्होंने बताया कि कमेटी द्वारा 6 महीनों में जहां 6 करोड़ 5 लाख रूपये अब तक स्कूलों को दिये गये हैं, वहीं जी.के के अध्यक्ष रहते स्कूलों के 53 करोड़ 3 लाख रूपये की देनदारी में से 22 करोड़ रुपये उतार दिये गये हंै जबकि बाकी देनदारी की अदायगी के बाद अगले एक साल में यह स्कूल अपने पैरों पर खड़े हो जायेंगे।

प्रवक्ता ने आगे बताया कि दिल्ली कमेटी के इंस्टीटयूटस को अब तक तकरीबन 1 करोड़ रूपये की अदायगी की गई है। इस के अलावा जी.के के समय जहां तनख्वाह देने तक के लिए पैसे नहीं होते थे, अब स्टाफ की तनख्वाह पहली तारीख को अदा कर दी जाती है। उन्होंने बताया कि बड़े आर्थिक सुधार तब हो रहे हैं जब दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी ने गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के संबंध में 10 बड़े समागम आयोजित किये हैं।
प्रवक्ता ने यह भी आरोप लगाया कि मनजीत सिंह जी.के द्वारा अपने दोस्त व नजदीकी स्कूलों में अध्यापक व अन्य पदों पर तैनात किये गये थे। 120 ऐसे स्टाफ की नियुक्तियों को रद्द किया गया हैं जो बिल्कुल नाजायज़ थे और गोलक लूटने का एक तरीका थे। इन्हें हटाने से कमेटी को वार्षिक ढाई करोड़ रूपये की बचत होनी शुरु हो गई है।
प्रवक्ता ने बताया कि मनजीत सिंह जी.के के कार्यकाल के दौरान गोलक का पैसा सीधा बैंक में जमा करवाने की बजाये खजाने में लाया जाता था जहां वह और उसकी जुंडली लूट को अंजाम देते थे। मौजूदा अध्यक्ष के कार्यकाल के दौरान अब गोलक का पैसा सीधा बैंकों में जमा करवाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कमेटी को हर महीने तकरीबन सवा से ढेड़ करोड़ रूपये की बचत होनी भी शुरु हो गई है।
प्रवक्ता ने कहा कि इन सुधारों से संगत को स्पष्ट हो गया है कि जी.के ने अपने घर भरने के लिए गुरुघर की गोलक की लूट कैसे की।

