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Nirankari Ground Burari
संत निरंकारी मिशन की 5वीं गुरु माता सविंदर हरदेव सिंह हुई पंचतत्व में विलीन होने के बाद अंतिम दर्शन करने वाले श्रद्धालुओ की भीड़ रही आज माता के अंतिम संस्कार के लिए पार्थिव शरीर निरंकारी ग्राउंड से चलकर निगम बोध घाट जा रहा है। रास्ते मे कई किलोमीटर तक श्रद्धालुओ की लाइने सड़क किनारे लगी थी वो माता के दर्शन करना चाहते थे। श्रद्धालुओ का कहना है माता जी उन्हें आजीवन याद रहेगी। बुराड़ी फ्लाईओवर के ऊपर भी श्रधालू पार्थिव शरीर यात्रा के दर्शनों के लिए खड़े थे।

संत निरंकारी मिशन की पाँचवी गुरु माता सविंदर हरदेव सिंह जी का रविवार शाम स्वर्गवास हो गया। इन्होंने निरंकारी कॉलोनी स्थित अपने निवास पर अंतिम सांस ली थी और पंचतत्व में विलीन हो गयी। जिसके बाद उनके अनुयायियों ओर संगत पूरी तरह से गमगीन हो गयी है।
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सन 1929 में बाबा बूटा सिंह जी महाराज ने संत निरंकारी मिशन की स्थापना की थी। और माता सविंदर हरदेव सिंह जी निरंकारी मिशन की 5वीं मुख्य गुरु थी। जिन्होंने महाराज हरदेव जी महाराज की मई 2016 में देहावसान के बाद निरंकारी मिशन की गद्दी संभाली थी।

करीब 2 साल से ज्यादा तक वो मिशन की मुख्या रहीं। लेकिन बढ़ती उम्र और अपना स्वास्थ्य खराब होने की वजह से उन्होंने अपनी तीन बेटियों में से सबसे छोटी बेटी सुदीक्षा को बीते महीने की 17 जुलाई को मिशन की गद्दी सौंप दी थी। और उसके बाद से ही उनका स्वास्थ्य दिन प्रति दिन और बिगड़ता जा रहा था और आखिरकार बीते रविवार की शाम को अपनी देह त्याग दी और इस निराकार में समा गई। उन्होंने गुरु पद पर रहते हुए बड़ी ही बखूबी से मिशन को आगे बढ़ाया और अपनी आखिरी सांस तक वो मिशन के उद्देश्य के लिए पूरी तत्परता से लगी रही।

गुरु माता सविंदर हरदेव सिंह जी के स्वागवास के बाद से उनके सभी अनुयायियों में गम का माहौल है। और सभी अपनी गुरु माँ को अपनी नम आँखों से भावभीन श्रदांजलि अर्पित कर रहे हैं। संत निरंकारी मिशन की करीब विश्व के करीब दो दर्जन से ज्यादा देशों में 100 से ज्यादा शाखाएँ हैं और लाखों की संख्या में अनुयायी हैं।
