अलीपुर थाना पुलिस ने पकड़े दो लुटेरे व घोषित भगोड़े को भी किया गिरफ्तार

AA News
Report : Ankit

अलीपुर थाना पुलिस ने न्यायालय द्वारा घोषित भगोड़े को किया गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि अलीपुर थाना पुलिस की टीम ने 2019 से फरार एक भगोड़े को गिरफ्तार किया है। यह लूट के दो मामलों में यह फरार था। अलीपुर थाना पुलिस को एक सीक्रेट इंफॉर्मेशन मिली जिसके आधार पर 2019 से फरार इस भगोड़े को अलीपुर थाना पुलिस की टीम ने पकड़ लिया ।

इसकी पहचान सुनील कुमार के लिए रूप में हुई है जो बवाना का रहने वाला है और मूल रूप से यह कटवाल गांव सोनीपत हरियाणा का रहने वाला है। इसकी उम्र 25 साल है। कोर्ट द्वारा इसे भगोड़ा घोषित किया गया था। फिलहाल पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया

अलीपुर थाना पुलिस ने दो लुटेरे गिरफ्तार किए

अलीपुर थाना पुलिस ने आज 22 जून 2021 को जानकारी सांझा करते हुए बताया कि अलीपुर थाना पुलिस की टीम ने दो लुटेरों को गिरफ्तार किया है। दरअसल 15 जून 2021 को सोनू गुप्ता नाम के शख्स से अलीपुर थाना पुलिस को शिकायत मिली थी कि वह अलीपुर से करोलबाग जा रहा था इसी दौरान अलीपुर में उससे लूट की घटना को अंजाम दिया गया है। उसके पास में अचानक से एक मोटरसाइकिल पर सवार दो लड़के आए और उससे ₹17000 और उसका मोबाइल छीनने लगे।

विरोध करने पर उन्होंने सोनू गुप्ता की पिटाई भी कर दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर आसपास के सीसीटीवी फुटेज को खंगाला। कई सीसीटीवी फुटेज जांच के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को धर दबोचा। दोनों आरोपियों के नाम संजय उर्फ तड़का व इस्तियाक उर्फ अकुनी है।

दोनों बवाना जेजे कॉलोनी के रहने वाले हैं और दोनों की उम्र करीब 25 साल है। इनके पास से पुलिस ने मौके से लूटा गया मोबाइल फोन बरामद कर लिया है साथ ही इनसे पूछताछ जारी ह

भलस्वा झील की बदहाली का मामला NGT तक पहुंचा

दिल्ली की भलस्वा झील एक प्राकृतिक झील है और दिल्ली की सबसे बड़ी झील है। झील में नौकायन तो होता है लेकिन यहां पर पर्यटकों ने आना बिल्कुल कम कर दिया है। झील का पानी पूरी तरह से दूषित तो हो चुका है आसपास के क्षेत्र का गंदा पानी झील में ही गिरने लगा है ।

इस बात को लेकर एक संस्था एनजीटी तक भी पहुंची। सभी पक्ष सुनने के बाद न्यायालय ने भी दिल्ली सरकार और सभी विभागों को फटकार लगाई है । साथ ही ₹50000 जुर्माना भी किया है। दिल्ली के चीफ सेक्रेटरी को अब यह जुर्माना इकट्ठा करके जमा करवाना होगा।

पर्यावरण के लिहाज से झील काफी अहम है । कई एकड़ में यह झील फैली हुई है। पास में ही भलस्वा डेयरी है जहां से पशुओं का गोबर और सब अपशिष्ट पदार्थ है नालियों के माध्यम से इस प्राकृतिक झील में ही आकर गिरता है।

फिलहाल मामला अभी न्यायालय में चला गया है अब देखने वाली बात होगी कि न्यायालय की सख्ताई के बाद भी संबंधित विभाग यहां सुधारते हैं या जिनके यही हालात रहेंगे।

..