Skip to content
Saturday, October 24, 2026
Breaking
Social

बाल भिक्षावृति को मिटाने के लिए आयोजित

· Updated · by admin1
3 min read

ग्रोथ हब द्वारा हुए ईवेंट Event Social Entrepreneur Over Coffee मे एक स्पीकर के तौर पर आशीष शर्मा ने वहाँ उपस्थित सभी संस्थाओ के फाऊंडरस से बात की और देश मे फैलती बाल भिक्षावृति से लेकर कैसे शिक्षा देनी है ऐसे हर मुद्दे पर बात की और समाधान भी बतायें ।
पिछ्ले 1.5 साल से आशीष इस मुद्दे के समाधान मे लगे हुए है कैसे देश को वह सिस्टम दिया जाये जहाँ कोई बच्चा भिख न मांगे।
14 जून को अकेले इस मुहिम को शुरु कर 12 करोड़ लोगो तक पहुचाने वाले आशीष देश को बाल भिक्षावृति से मुक्त कराने के लिये हर संभव प्रयत्न कर रहे है।
जल्द एक मुहिम उन्मुक्त दिवस के लिये 10,000km की पद यात्रा पर जा रहे है।
सिम्पली ब्लड के फाऊंडर किरण वर्मा एव ह्यूमन चैन के फाऊंडर कमल सेठ जी भी लोगो से रुबरु हुए ओर वहाँ आये लोगो से सीधे बात की और उनके सवालो के जवाब दिए।
किरण वर्मा ने ब्लड न मिलने कि समस्याओ के लिये एंड्रॉइड एप सिम्पली ब्लड बनायी है जिससे हजारो लोगो की जान बच पा रही है ।

 

आशीष शर्मा के साथ लोगो का कारवां दिन पर दिन बढता जा रहा है।
इंजीनियरिंग की नौकरी बीच मे छोड़ कर समाज के किये कुछ करने का जजबा लिये आशीष यही कहते है आप कैसा भारत चाहते हैं हम उस पर लिखना नही बल्कि बनाना चाहते है।
मोदी जी के भारत निर्माण के सपने मे निसन्देह आशीष आने वाले वक़्त मे एक मील का पत्थर साबित होगे।
शुभम, मोडरेटर के हर सवाल का जवाब एक मुस्कान से देने वाले आशीष ने उन्हे बताया कि उन्हे क्या है जो प्रेरित करता है हर दिन । सिर्फ सब्र को मुस्कान के साथ लेकर चलने वाले आशीष से जुडे लोग यही बताते है निरन्तर एक परिपक्व लीडर की तरह आशीष सबको साथ लेकर जा रहे है।

अपनी इस पदयात्रा से लगभग 50,000 संस्थाए जोडना चाहते है और देश भर मे 500 वाल गृफिटी बनाने वाले है।
काफी लोग है जो धीरे धीरे इनसे हर तरह से जुड़ रहे है।
अकेले ही अपनी 10,000km कि यात्रा पर जाने वाले इनका कहना है ड़र सिर्फ स्वय से है अगर बीच मे खुद को छोड़ दिया तो क्या होगा ।
ये आईटी कि मदद से एक एप बनाने मे लगे है जिससे पुरे लोकतंत्र को बाल भिक्षावृति से मुक्त करने मे मदद मिलेगी।
आशीष देश भर मे पुलिस वालो को वह सब सुविधाये भी दिलाना चाहते है जिससे उन्हे एक बेहतर जरिया मिल सके जनता के साथ जमीन पर आने का और पुलिस वालो पर मानसिक दबाव कम हो ।

Written by admin