17000 किलोमिटर कि बाल भिक्षावृति रोकने हेतु उन्मुक्त भारत पदयात्रा मे पानी के निचे भी चले आशीष शर्मा

युवा इंजीनियर आशीष शर्मा ने बाल भिक्षावृत्ति रोकने के लिए एक अनोखे अभियान की शुरुआत की हुई है ।

 

दिल्‍ली के आशीष का उद्देश्‍य देश से बाल भिक्षावृत्ति खत्‍म करना है

Bal bhikshavriti rokne ke liye padyatra

Bal bhikshavriti rokne ke liye padyatra

सड़कों पर भीख मांगते बच्‍चों को लगभग हम रोज ही देखते हैं। कई लोग उन्‍हें कुछ पैसे देते हैं तो कुछ लोग ऐसा न करने की नसीहत देकर चलते बनते हैं। वहीं, कुछ लोग उनकी इस हालत के लिए सरकार को कोसते हैं। जबकि सच्‍चाई यह है कि लगभग हर प्रदेश में भिक्षावृत्ति को रोकने के लिए सरकारी स्‍तर पर विभाग भी हैं और योजनाएं भी। इतना ही नहीं ज्‍यादातर शहरों में भिक्षुक गृह भी बने हैं, लेकिन उनमें से अधिकतर खाली ही हैं। ऐसे में दिल्‍ली के युवा इंजीनियर आशीष शर्मा ने बाल भिक्षावृत्ति रोकने के लिए एक अनोखे अभियान की शुरुआत की है। आशीष पूरे देश में 17 हजार किलोमीटर की पदयात्रा कर इसे रोकने के लिए लोगों को जागरूक कर रहे हैं।

युवा पीढ़ी को जोड़ना है लक्ष्‍य

आशीष के मुताबिक, मैं कक्षा छह से ही वृद्धाश्रम जा रहा हूं। जल्‍द ही मुझे अहसास हो गया कि इस समस्‍या का जड़ बच्‍चों में ही है। अगर बच्‍चे ही खुश नहीं होंगे तो बुजुर्ग कैसे सुखी रह सकेंगे। सड़कों पर हजारों बच्‍चे भीख मांगते दिख जाते हैं, लेकिन कोई उनके लिए कुछ नहीं करता है। मैं उनके लिए कुछ करना चाहता था, लेकिन मुझे पता था कि व्‍यक्तिगत रूप से 50 से 100 बच्‍चों से मिल सकता था। इसलिए मैंने अपने लक्ष्‍य को पाने के लिए पूरी युवा पीढ़ी को जोड़ने की शुरुआत की।

‘लोगों की भावनाओं को जगाना है’

मैकेनिकल इंजीनियर आशीष ने अपने OneGoOneImpact Campaign को पूरा करने के लिए जॉब छोड़ दी और बीती 22 अगस्‍त से इसे पूरे करने के लिए पदयात्रा पर निकल चुके हैं। अशीष अब तक 3627 किलोमीटर से ज्‍यादा चल चुके हैं। दुआएं फाउंडेशन के तहत 17 हजार किमी. की पदयात्रा को आशीष ने उनमुक्‍त भारत का नाम दिया है। इस अभियान के तहत देश के 29 राज्‍यों व 7 केंद्र शासित राज्‍यों के 4900 गांवों में बाल भिक्षावृत्ति को रोकने के लिए जागरूक किया जाएगा। उनका कहना है कि मैं लोगों को यह बताना चाहता हूं कि भीख मांगते बच्‍चों को गाली न दें और शोषण करने के बजाय उन्‍हें समाज की मुख्‍यधारा में शामिल करने में मदद करें।

आशीष कहते हैं कि मैं लोगों की भावनाओं को जगाना चाहता हूं, मुझे लगता है कि जब उनको पता चलेगा कि कोई 17 हजार किलोमीटर सिर्फ बाल भिक्षावृत्ति रोकने के लिए पैदल चल रहा है तो उसका असर जरूर होगा।

टीचर्स व अधिकारियों से भी ले रहे सहयोग

अपने इस अभियान के तहत आशीष स्‍कूल-कॉलेजों के प्रिंसिपल और अधिकारियों से भी मिलकर जागरूकता फैलाने के लिए सहयोग मांग रहे हैं। बाल  भिक्षुकों को समाज में शामिल कर एक बेहतर भविष्‍य देने की कवायद में उनको  सहयोग भी मिल रहा है। वह आगामी 14 जून 2018 को उनमुक्‍त दिवस मनाने की तैयारी कर रहे हैं। वह चाहते हैं कि इस आयोजन में लोग भीख मांगने वाले बच्‍चों की बेहतर शिक्षा दिलाने व एक आदर्श समाज बनाने की शपथ लें।

गोआ मे आज ओम् साई अक़ुआ डाईव कंपनी के सहयोग से आज आशीष ने 25 फीट नीचे गौतम शर्मा ( इन्सट्रकटर ) , सुशिल जी , अलोक नाथ ( इन्सट्रकटर ) , डाईवर्स मनु , बोबी , सागर , रवि , विनय , दैनेश , क्रिस्टोफर की मदद से एक पानी के निचे वॉक की।

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