मरा हुआ चूहा गली में फैंकने पर दो पड़ोसियों में झगड़ा एक कि मौत

AA News
New Delhi

Report : Prince Jaiswal

दिल्ली में मरे हुए चूहे को फेंकने को लेकर दो पड़ोसियों में आपसी झगड़ा। दो अक्टूबर को हुआ था झगड़ा एक शख्स के सिर में लोहे का डंडा लगने से था कोमा में। घायल शख्स की आज मौत आरोपी को पुलिस ने लिया हिरासत में। मामला दिल्ली के किराड़ी एरिया के अमीर विहार का। मृतक के परिजनों ने आज जताया विरोध पुलिस द्वारा हत्या की धाराएं जोड़ने के आश्वासन के बाद हुए लोग शांत।

ये फोटो मीर विहार निवासी 39 वर्षीय चंद्रिका प्रसाद चौरसिया की है शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद युवक का शव जब मीर विहार लाया गया तो परिजनों ने हंगामा किया और शव को मुख्य मार्ग पर रखकर जाम करने की भी कोशिश की। लेकिन हंगामे की खबर सुनकर मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस कर्मी पहुंच गए और लोगों को समझा बुझाकर शांत कराया। इसके बाद परिजन शव का अंतिम संस्कार करने को राजी हुए।

चंद्रिका अपने परिवार के साथ एम- ब्लाक मीर विहार में रहते थे। परिवार में पत्नी सुमन के अलावा तीन बच्चे हैं। वह नाहरपुर में सब्जी बेचने का काम करते थे।

दो अक्टूबर को इनके घर के सामने के पड़ोसी विजय ने मरे एक चूहे को फेंक दिया था। जिसके बदूब न हो इसलिए उसने पड़ोस में रहने वाले विजय का विरोध किया और उनसे झगड़ा शुरू कर दिया। झगड़े के दौरान आरोपित ने चंद्रिका के सिर पर लोहे की पाइप से वार कर दिया। जिससे वह गंभीर रुप से घायल हो गए थे।

Chandrika's File Photo

Chandrika’s File Photo


सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपित को मौके से दबोच लिया था और उसके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया था। इसके बाद आसपास के लोगों ने घायल चंद्रिका मंगोलपुरी के संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां से उनकी गंभीर हालत को देखते हुए सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया था, जहां बृहस्पतिवार को उनकी मौत हो गई। ऐसे में शुक्रवार की दोपहर जब उनके शव को लाया गया तो परिजन नराज हो गए और हंगामा करने लगे।

#Meer_Vihar_Delhi

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परिजन इलाके के मुंडका विधायक को मौके पर बुलाने की मांग कर रहे थे और आरोपित के खिलाफ हत्या की धाराओं में मामला दर्ज करने की मांग कर रहे थे। पुलिस द्वारा हत्या की धारा जोड़ने के आश्वाशन के बाद लोग शांत हुए वैसे भी मौत के बाद हत्या की धारा जुड़ना स्वाभविक भी था ।

दिल्ली के तिमारपुर थाने इलाके में यमुना में डूबे युवक का 4 दिन बाद भी नही मिला शव

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Timarpur

4 दिन से परिवार का रो रो कर बुरा हाल …2 अक्टूबर को 7 लोग आए थे यमुना नहाते हुए हुआ हड़सा सातों ययवक यमुना में डूबे 6 को सही सलामत निकाला एक कि तलाश अभी भी जारी ….परिवार का आरोप प्रशाशहं की तरफ से नही मिल रहे ऑक्सीजन सिलेंडर युक्त गोताखोर …

यमुना में नाव से रेसकयूं करते यह गोताखोर जगतपुर के शनिधाम घाट के पास 4 दिन पहले डूबे हुए एक शख्स की तलाश कर रहे हैं.. दीपक नाम का वह शख्स 4 दिन पहले यमुना में डूबा था लेकिन अभी तक शव को भी गोताखोर नहीं तलाश पाए है … यमुना यहां पर काफी गहरी है साथ ही नीचे दलदल भी हो सकती है और काफी गहराई में जाल भी बिछा हुआ है ..परिजनों का अनुमान है कि दीपक नीचे दलदल या किसी जाल में जाकर उलझ गया है इसलिए उनकी बॉडी 4 दिन में भी ऊपर नहीं आ पाई है.. अक्सर 2 से 3 दिन में सभी डूबने वाली डेड बॉडी फुल कर ऊपर आ जाती है लेकिन अभी तक दीपक का शव नहीं मिला है और परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है इनका कहना है कि तलाश के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर के साथ वाले गोताखोर सरकार की तरफ से उपलब्ध नहीं हो रहे है यदि इस तरह के गोताखोर उपलब्ध होते हैं तो दीपक के शव को निकाला जा सकता है….

बहुत अब तक 2 अक्टूबर को अपने साथ साथियों के साथ यमुना किनारे पहुंचा सातो नहाने के लिए यमुना में उतरे और गहराई इतनी ज्यादा थी कि सभी डूबने लगे पास खड़े कुछ गोताखोरों ने उन्हें बचाने की कोशिश करी उन्होंने दूसरे लोगों को तो सही सलामत बचा लिया लेकिन दीपक एक बार यमुना के नीचे गया और फिर ऊपर नहीं आया और अभी तक उसका कोई अता-पता नहीं है.. दीपक घर मे कमाने वाला अकेला था और उसके ही भरोसे दो बच्चे , पत्नी और माँ का गुजर-बसर चल रहा था… लेकिन अब इमेज सहारा देने वाला बेसहारा हो चुका है और इन सभी की आंखें टकटकी लगाए यमुना में उस तलाश रही है …

फिलहाल अभी तक रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है लेकिन रेसकयूं करने वाले गोताखोर ऊपर से ही नाव के साथ तो कभी तैरकर दीपक को तलाश रही है लेकिन इतना तो साफ है कि दीपक की डेडबॉडी ऊपर नहीं है जिसे तलाशा जा सके फिलहाल जरूरत है या तो सिलेंडर वाले गोताखोरों का कोई इंतज़ाम जल्द से जल्स किया जाए … साथ ही यमुना के किनारे सुरक्षा क्लिक करें और पुख्ता इंतजाम करना चाहिए जिससे इस तरह के दर्दनाक और दुखद हादसे से बचा जा सके

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