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Wednesday, September 23, 2026
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श्रीराम जन्मभूमि व सामाजिक समरसता रहेंगे बैठक के केन्द्र बिन्दु : जस्टिस कोकजे

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Jai Shri Ram
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विश्व हिन्दू परिषद केन्द्रीय प्रबंध समिति बैठक

गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति, गांधी दर्शन राजघाट, नई दिल्ली

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New Delhi

विश्व हिन्दू परिषद की केन्द्रीय प्रबंध समिति की दो दिवसीय बैठक आज राजधानी दिल्ली के राजघाट स्थित गांधी स्मृति दर्शन समिति, में महामण्डलेश्वर पू0 स्वामी राघवानंद जी के आशीर्वचन से प्रारंभ हुई। अपने उद्घाटन उद्बोधन में विश्व हिन्दू परिषद के अध्यक्ष न्यायमूर्ति (रिटा0) श्री विष्णु सदाशिव कोकजे ने कहा कि भगवान राम की जन्मस्थली अयोध्या में भव्य मंदिर हेतु सैकड़ों वर्षों के संघर्ष की परिणिती का समय निकट है। 1984 से सदा ही श्रीराम जन्मभूमि का मामला हमारे कार्य का केन्द्र बिन्दु रहा है और मंदिर की भव्यता तक रहेगा। माननीय उच्चतम न्यायालय से आग्रह है कि वह शीघ्रताशीघ्र अपना निर्णय सुनाए। सामाजिक समरसता के संदर्भ में विहिप की प्रतिबद्धता पर उन्होंने कहा कि 54 वर्षों में छुआ-छूत के उन्मूलन हेतु हमने अनेक कार्य किये हैं किन्तु बहुत कुछ किया जाना अभी बाकी है। विषमता किसी धर्म से जुड़ी न होकर एक मानसिक विकृति है जिसे व्यक्तिगत आचरण के द्वारा ही दूर किया जा सकता है। यह सिर्फ सरकार का नहीं बल्कि सम्पूर्ण समाज की जिम्मेदारी है कि प्रत्येक पिछड़े को गले लगाकर आगे बढ़ाए। 23 जून को डॉ0 श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस तथा 25 जून 1975 को आपातकाल के आक्रमण को याद करते हुये उन्होंने कहा कि हमारी इस बैठक की तिथियों से शिवाजी महाराज द्वारा स्थापित हिन्दू साम्राज्य दिवस का पावन दिन भी जुड़ा है। छद्म धर्म-निरपेक्ष लोगों पर प्रहार करते हुये उन्होंने कहा कि यह विहिप व हिन्दू समाज के कार्यों का ही परिणाम है कि जो लोग कल तक हम पर प्रहार करते थे आज जनेऊधारी हिन्दू बनने का दिखावा कर रहे हैं। हमारी इस बैठक में आये पदाधिकारियों को धर्म-परिवर्तन, गौ-हत्या, विदेशी घुसपैठ हिन्दू मानबिन्दुओं पर आक्रामण सहित अन्य धार्मिक सामाजिक व राष्ट्रीय विषयों पर चर्चा कर उनका समाधन ढूंढ़ना होगा।

Jai Shri Ram
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दीप प्रज्ज्वलन के पश्चात अपना आशीर्वचन देते हुये महामण्डलेश्वर पूज्य स्वामी राघवानंद जी महाराज ने वेद, वेदांग, उपनिषद तथा वैदिक वांग्मेय के पठन पाठन व विस्तार हेतु आह्वान करते हुये कहा कि देशभर में वेद विद्यालयों की स्थापना की नितांत आवश्यकता है। इस संदर्भ में विहिप कार्यकर्ताओं को आगे आना होगा।

इस अवसर पर मंच पर विहिप कार्याध्यक्ष श्री आलोक कुमार व श्री अशोक चौगुले (विदेश), महामंत्री मा0 मिलिन्द पराण्डे, संगठन महामंत्री श्री विनायकराव देशपाण्डे, उपाध्यक्ष श्री चम्पतराय, श्री ओम प्रकाश सिंहल, श्री जीवेश्वर मिश्र, श्री हुकुमचंद सांवला, श्री जगन्नाथ साही, श्री बालकृष्ण नाइक, श्रीमती मीनाताई भट्ट, सह कोषाध्यक्ष श्री गोपाल झुनझुनवाला भी उपस्थित थे।

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