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Saturday, October 17, 2026
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स्वामी श्रद्धानंद कोलिज में कोर्ट निर्णय के समर्थन में आये छात्र छात्राएं

· by admin0
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Satywati College Alipur
Satywati College Alipur

दिल्ली के कोलिज में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के समर्थन में आये छात्र छात्राएं। दिल्ली यूनिवर्सिटी के स्वामी श्रद्धानंद कॉलेज में छात्रों के समूह ने नारेबाजी करते हुए सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है।
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https://youtu.be/CoWGHWa_uaY
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छात्रों का कहना है कि एससी एसटी एक्ट का काफी दुरुपयोग हो रहा था इसलिए इस फैसले से वह खुद इस कैटेगरी से होते हुए भी इस फैसले का समर्थन करते हैं। छात्रों ने नारेबाजी करते हुए लिखित में कॉलेज के प्रिंसिपल को दिया ज्ञापन साथ में SDM को भी ज्ञापन देने पहुंचे बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं। दिल्ली के अलीपुर में है ये कोलिज ।

यह है दिल्ली यूनिवर्सिटी का अलीपुर में स्थित स्वामी श्रद्धानंद कॉलेज या काफी संख्या में छात्र छात्राएं सुप्रीम कोर्ट के एससी एसटी एक्ट को लेकर आए फैसले के समर्थन में उसका स्वागत करते हुए और नारेबाजी करते हुए नजर आ रहे हैं जबकि देश में आज कई जगह लोग इस मुद्दे को लेकर प्रोटेस्ट कर रहे हैं कि इस निर्णय पर पुनर्विचार किया जाए और सरकार इस पर जल्दी अपील करें और पुराना कानून नहीं लागू हो लेकिन इन युवा छात्र छात्राओं का कहना है कि कानून में कोई विशेष बदलाव नहीं हुआ बल्कि एक जांच की बात कही गई है जो स्वागत योग्य है क्योंकि किसी भी शख्स के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए चाहे वह किसी भी जाति और धर्म का क्यों न हो । ये युवा कह रहे हैं कि इनमें से काफी संख्या में SC ST से भी है और इस फैसले का स्वागत करते हैं। यहाँ सुप्रीम कोर्ट के समर्थन में नारेबाजी कर रहे हैं इनका कहना है कि पुनर्विचार याचिका खारिज होनी चाहिए यदि याचिका खारिज नहीं हुई तो यह छात्र छात्राएं खुद आत्मदाह की बात कह रहे हैं। इस मुद्दे को लेकर स्वामी श्रद्धानंद कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने अपने कॉलेज के प्रधानाचार्य को ज्ञापन सौंपा है साथ में अलीपुर में स्थित SDM कार्यालय में भी इन्होंने अपना यह ज्ञापन दिया है । डबल ए न्यूज़ को सब्सक्राइब जरूर करें साथ ही लाइक करना न भूले ।

Satywati College Alipur
Satywati College Alipur

देश में कुछ लोग राजनीति चमकाने के लिए भले ही ऐसे मुद्दों को तूल देकर बड़ा विरोध जता रहे हो तो लेकिन कुछ युवा पढ़ा लिखा वर्ग इस मुद्दे को लेकर फैसले का स्वागत कर रहा है। अब देखने वाली बात होगी कि केंद्र सरकार इसमें पुनर्विचार याचिका दायर करती है तो न्यायालय उस पर क्या निर्णय लेता है ।

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