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Friday, October 23, 2026
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डीएसएसएसबी पेपर लीक मामले में 40 दिन बाद भी क्यूँ रद्द नहीं हुई परीक्षा? – स्वराज इंडिया

· by admin1
4 min read
DSSB Paper leak matter -Swaraj india
DSSB Paper leak matter -Swaraj india

डीएसएसएसबी पेपर लीक मामले में 40 दिन बाद भी क्यूँ रद्द नहीं हुई परीक्षा? – स्वराज इंडिया

आम आदमी पार्टी और बीजेपी में श्रेय लेने की होड़ के कारण पिस रहे हैं युवा अभ्यर्थी

सीएम और विपक्ष के नेता कर रहे हैं सिर्फ़ मीडियाबाज़ी और ट्विट्टर पर घोषणाएं

• पीआरटी शिक्षक भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामले की हो सीबीआई जाँच: अनुपम

डबल ए न्यूज़ दिल्ली
प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती के लिए 29 अक्टूबर को डीएसएसएसबी परीक्षा का पेपर लीक होने के मामले पर स्वराज इंडिया ने ‘आप’ और बीजेपी को घेरा है। पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष अनुपम ने सवाल किया है कि पेपर लीक होने के 40 दिन बाद भी अब तक परीक्षा रद्द करने का नोटिफिकेशन क्यूँ नहीं जारी किया गया है? मुख्यमंत्री से लेकर मुख्य विपक्षी पार्टी बीजेपी ने भी अगर रद्द करने की घोषणा कर दी है और सीबीआई जाँच की मांग की है, तो अब तक ऐसा होने से कौन रोक रहा है? क्यूँ दिल्ली के एक लाख युवा अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और विपक्षी बीजेपी खो-खो खेल रहे हैं?

DSSB Paper leak matter -Swaraj india
DSSB Paper leak matter -Swaraj india

ज्ञात हो कि 29 अक्टूबर को दोपहर 1:30 बजे से 3:30 बजे तक पीआरटी शिक्षक भर्ती के लिए दिल्ली सरकार की डीएसएसएसबी ने परीक्षा करवाये। छात्रों के आंदोलन और कई प्रदर्शनों के दबाव में सात साल बाद जाकर ये परीक्षाएं करवायीं गई थी। 4366 रिक्त पदों के लिए 1 लाख से ज़्यादा युवा 29 अक्टूबर की भर्ती परीक्षा में बैठे।

लेकिन उसी दिन परीक्षा शुरू होने से पहले ही पुलिस को प्रश्न पत्र लीक होने की सूचना मिली। थोड़ी ही देर में प्रश्न पत्र के साथ साथ उत्तर कुंजी का भी सोशल मीडिया पर प्रसार होने लगा। विकासपुरी और प्रहलादपुर के स्कूलों में 29 अक्टूबर को ही पुलिस छापेमारी में 8 लोग गिरफ़्तार हुए। मामले में अब तक 20 से अधिक गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और ये साबित हो गया है कि बड़े पैमाने पर पेपर लीक हुआ।

पेपर के लिए बैठ चुके एक युवा अभ्यर्थी ने बताया, “एक तो 7 सालों के संघर्ष के बाद सरकार ने परीक्षा करवाई और उसमें भी हमारे साथ अन्याय हो गया। पिछले 40 दिनों से हम सब माँग कर रहे हैं कि परीक्षा रद्द करके दुबारा करवाई जाए। मुख्यमंत्री ने आश्वाशन दे दिया और घोषणा भी कर दी लेकिन अब तक इस संबंध में कोई सरकारी नोटिफिकेशन नहीं निकाला गया। 20/11/17 को सीएम साहब कहते हैं कि शाम को कैंसल कर दूंगा। फ़िर 27/11/17 को कहते हैं अभी नोटिफिकेशन निकलवा दूंगा। उसके बाद 2/12/17 को हम नेता प्रतिपक्ष विजेंदर गुप्ता से मिले। उन्होंने भी हमारा समर्थन करते हुए, परीक्षा रद्द करने और सीबीआई जाँच की मांग के साथ उपराज्यपाल से मुलाकात की। लेकिन सच्चाई ये है कि 2/11/2017 से दोनों ही ट्वीटर और फेसबुक पर कैंसल करें जा रहे हैं एग्जाम। धरातल पर कुछ भी नहीं हुआ। हम युवा उन दोनों पार्टियों के खेल में पिस रहे हैं।”

अनुपम ने सरकार के रवैये पर आक्रोश जताते हुए कहा, “सच्चाई ये है कि सीएम केजरीवाल और विजेंदर गुप्ता के बीच परीक्षा रद्द करने का श्रेय लेने की होड़ के कारण सभी अभ्यर्थी पिस रहे हैं। आम आमदी पार्टी और बीजेपी युवाओं के भविष्य के साथ मज़ाक करने में लगी है, परीक्षा रद्द करने के नाम पर खो-खो खेलकर छात्रों को परेशान कर रही है।

अनुपम ने कहा कि इतने व्यापक पैमाने पर पेपर लीक होने की घटना की सीबीआई जाँच होनी चाहिए ताकि छोटे आरोपियों के साथ साथ बड़ी मछलियों को भी पकड़ा जाए। बिना राजनीतिक संरक्षण के इस तरह के वारदात अंजाम नहीं दिए जाते। सरकार को अपनी ज़िम्मेदारी समझते हुए मामले को गंभीरता से लेना चाहिए। लेकिन अफ़सोस कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और नेता विपक्ष विजेंद्र गुप्ता इस पूरे मामले में सिर्फ़ मीडियाबाज़ी और ट्विटर पर घोषणाओं में लगे हुए हैं।

स्वराज इंडिया ने मांग कि ‘आप’ और बीजेपी राजनीतिक नूराकुश्ती बंद करें, परीक्षा रद्द करने का नोटिफिकेशन जारी करे और दुबारा परीक्षा करवाने की समय सीमा बताये।

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