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Tuesday, September 22, 2026
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दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी पाकिस्तान से आये हिन्दू सिख शरणार्थी परिवारों के बच्चों को मुफ्त शिक्षा सुविधा प्रदान करेगी।

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Manjinder Singh Sirsa (president DSGMC)

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NEW DELHI

कमेटी के अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि दिल्ली सिख गुरुद्वारा कमेटी द्वारा दिल्ली के विभिन्न स्थानों पर संचालित 11 प्रतिष्ठित गुरु हरिकृष्ण पब्लिक स्कूलों में इन बच्चों को मुफ्त शिक्षा प्रदान करने की व्यवस्था की जायेगी तांकि वह अपनी पढ़ाई सुचारू रूप् से शुरु कर सकें। उन्होंने बताया कि इन बच्चों को गुरु हरिकृष्ण पब्लिक स्कूलों में दाखिला प्रदान करने के लिए कमेटी ने दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय को अनुमति प्रदान करने का अनुरोध किया है तथा इस मामले में वह स्वंय दिल्ली के उप मुख्यमंत्री एवं शिक्षामंत्री मनीष सिसोदिया से मामला उठाकर शीघ्र उचित कार्रवाई करने का अनुरोध करेंगे तांकि शरणार्थी बच्चों के भविष्य को सुरक्षित किया जा सके। उन्होंने आशा व्यक्त की कि आगामी अप्रैल से शुरु होने वाले शैक्षिणक सत्र में इन बच्चों को स्कूलों में प्रवेश सुनिश्चित कर लिया जायेगा।

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मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि दिल्ली कमेटी इन बच्चों को पूरी शिक्षा मुफ्त प्रदान करने के अतिरिक्त मेधावी बच्चों को छात्रवृति तथा अन्य प्रोत्साहन भी प्रदान करेगी तांकि यह बच्चे राष्ट्रीय प्रतिष्ठित व्यवसायिक शिक्षण संस्थानों में मैरिट के आधार पर प्रवेश पाकर अपने परिवार का भविष्य सुरक्षित कर सकें व स्वावलंबी एवं स्वाभिमान के साथ जीवन यापन शुरु कर सकें। उन्होंने कहा कि दिल्ली कमेटी इन बच्चों को शरणार्थीयों को प्रदत्त संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा बनाये गये दिशा निर्देशों का अध्ययन कर रही है तांकि कोई वैधानिक विकल्प निकालकर इनकी पढ़ाई सुचारू रखने का रास्ता निकाला जाये।

उन्होंने कहा कि इन छात्रों को स्टूडैंट वीजा प्रदान करने जैसे विकल्पों पर भी दिल्ली कमेटी की लीगल टीम विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि वह इन बच्चों को दिल्ली सरकार के स्कूलों में दाखिला प्रदान करने के लिए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से शरणार्थीयों के प्रतिनिधिमंडल के साथ मिलेंगे तांकि दिल्ली सरकार पर दबाव डाला जा सके।

श्री सिरसा ने कहा कि शरणार्थी हिन्दू सिख परिवारों के जवान लड़के और लड़कियां भारतीय सेना और अर्धसैनिक बलों में अपनी सेवाएं प्रदान करने के इच्छुक हैं तांकि वह पाकिस्तान बार्डर पर जाकर दुश्मन को करारा जवाब दे सकें तथा देश की सीमाओं के सजग प्रहरी के रूप में अपनी सेवाएं दे सके।

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