करोड़ो की धोखाधड़ी में फरार चल रहा 50 हजार का इनामी भगोड़ा आरोपी गिरफ्तार
तिहाड़ के रिटायर्ड फार्मासिस्ट को बनाया था ठगी का शिकार
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच NR-1, प्रशांत विहार यूनिट ने जाली दस्तावेजों के सहारे जमीन बेचकर 1.75 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले 50 हजार रुपये के इनामी भगोड़े आरोपी विनोद भारद्वाज उर्फ राहुल उर्फ पप्पू को गिरफ्तार कर लिया है। क्राइम ब्रांच डीसीपी चंद्र कुमार के मुताबिक साल 2024 में तिहाड़ जेल से सीनियर फार्मासिस्ट पद से सेवानिवृत्त हुए कैलाश नारायण को आरोपियों ने अपना निशाना बनाया। एक प्रॉपर्टी डीलर के जरिए विनोद भारद्वाज को पीड़ित के रिटायरमेंट फंड की जानकारी मिली। इसके बाद विनोद ने अपनी पत्नी मीना भारद्वाज, साले बी.एस. भारद्वाज और अन्य साथियों के साथ मिलकर पीड़ित को बेहतर रिटर्न का झांसा दिया।
आरोपियों ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पीड़ित को 6 प्लॉट बेच दिए और उनसे 1.75 करोड़ रुपये ठग कर फरार हो गए। इस संबंध में रनहौला थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया
जांच के दौरान आरोपी लगातार फरार चल रहे थे। 12 मई 2026 को तीस हजारी कोर्ट ने आरोपियों के खिलाफ उद्घोषणा जारी कर उन्हें भगोड़ा घोषित कर दिया इसके बाद 3 सितंबर 2026 को दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने आरोपियों की गिरफ्तारी पर 50,000 रुपये का इनाम घोषित किया था।

क्राइम ब्रांच की टीम को आरोपी के विषय में सुराग मिला जिसके बाद एसीपी अशोक शर्मा की देखरेख और इंस्पेक्टर पुखराज के नेतृत्व में गठित की गई जिसमें एसआई राहुल, एसआई निरंजन सिंह, एएसआई प्रदीप और हेड कांस्टेबल विक्रांत शामिल थे तकनीकी निगरानी और गुप्त सूचनाओं के आधार पर जाल बिछाया। 13-14 सितंबर की रात टीम ने द्वारका के सेक्टर-5 स्थित एक सोसायटी में घेराबंदी कर विनोद भारद्वाज को धर दबोचा लिया जांच में सामने आया कि आरोपी विनोद भारद्वाज पांचवीं पास है वह नशे का आदी है उसके खिलाफ एनडीपीएस के तीन मनके समेत छेड़छाड़ जैसे गंभीर मामले दर्ज है पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर गिरोह से जुड़े अन्य फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है।
