नई दिल्ली।
दिल्ली के रोहिणी निवासी अधिवक्ता धीरज सिंह ने श्री राम मंदिर ट्रस्ट के प्रबंधन में कथित वित्तीय अनियमितताओं, दान राशि के दुरुपयोग, नकदी और मूल्यवान वस्तुओं की कथित चोरी तथा अन्य अनियमितताओं की सीबीआई जांच कराने की मांग उठाई है। इस संबंध में उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री, भारत के मुख्य न्यायाधीश और सीबीआई निदेशक को एक विस्तृत शिकायत पत्र भेजा है।
अधिवक्ता धीरज सिंह ने अपनी शिकायत में मांग की है कि मामले में सीबीआई द्वारा एफआईआर दर्ज कर स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जाए। उन्होंने मौजूदा श्री राम मंदिर ट्रस्ट और उसके सदस्यों को तत्काल भंग करने तथा कानून के अनुसार एक स्वतंत्र प्रशासनिक व्यवस्था गठित करने की भी मांग की है।

शिकायत में कहा गया है कि श्री राम मंदिर ट्रस्ट का गठन वर्ष 2020 की न्यायिक और प्रशासनिक प्रक्रिया के बाद हुआ था और इसके गठन में केंद्र सरकार की भूमिका रही है। ऐसे में भारत सरकार पर इस मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने की जिम्मेदारी बनती है।
धीरज सिंह ने कहा कि यदि सक्षम प्राधिकारियों द्वारा इस शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती है, तो वह कानून के तहत अन्य कानूनी विकल्पों का सहारा लेंगे, जिसमें भारत के सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाना भी शामिल है।
उन्होंने मीडिया से भी इस मामले को पारदर्शिता, जवाबदेही और जन विश्वास के व्यापक हित में प्रमुखता से उठाने की अपील की है।






