बुराड़ी कौशिक एन्क्लेव हॉस्पिटल लगभग तैयार।

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Video में हॉस्पिटल

दिल्ली की 70 विधानसभाओं में से एक बुराड़ी विधानसभा में बन रहा है 800 बेड का अत्याधुनिक और बड़ा अस्पताल । जिसका काम लगभग 80 प्रतिशत पूरा हो चुका है । बुराड़ी इलाके में बन रहा ये अस्पताल पहले 200 बेड का था । जिसे बाद में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बढ़ाकर 800 बेड का पास किया था। इसके अंदर दो फ्लोर अंडर ग्राउंड बेसमेंट है । जिसमे एक फ्लोर पार्किंग ओर दूसरा फ्लोर लैब टेस्ट के लिए होगा ।

दिल्ली की बुराड़ी विधानसभा में करीब एक दर्जन से ज्यादा गांव है और 200 से ज्यादा कालोनियां है । बुराड़ी विधानसभा की जनसंख्या दस लाख के करीब है । जिसमे पांच लाख तो वोटर ही है । इलाके की जनता के लिए बुराड़ी में कोई बड़ा अस्पताल नही था । पहले दिल्ली में बीजेपी और कांग्रेस की सरकार के समय मे इस अस्पताल का कई बार शिलान्यास हुआ । लेकिन साल 2013 की शुरुआत में दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने 200 बेड के इस अस्पताल का एक बार फिर इसका शिलान्यास किया । और सात फरवरी 2013 में अस्पताल का निर्माण कार्य चालू हो गया । इस अस्पताल के निर्माणकार्य की अवधि 30 अगस्त 2015 यानी 30 महीने में बनकर तैयार होना था ।

200 बेड से बढ़ाकर 800 बेड किया गया

2014 में जब अरविंद केजरीवाल
की सरकार आयी । तो दिल्ली में अस्पतालों की कमी को देखते हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरिवाल और दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सतेंद्र जैन ने इस अस्पताल को 200 बेड से बढ़ाकर 800 बेड का पास किया ।

Burari Hospital Kaushik Enclave

Burari Hospital Kaushik Enclave

छोटे से बड़ा अस्पताल बनने में आई परेशानी
अस्पताल को 200 बेड के छोटे अस्पताल से 800 बेड का बड़ा अस्पताल बनाने में काफी दिक्कत सामने आई । उस समय तक इसका करीब 50 प्रतिशत काम पूरा हो चुका था । और पांच मंजिल के 200 बेड, लैब, पार्किंग और अन्य जरूरी काम समापन की ओर था । उस समय दिल्ली आठ अस्पतालों में बेड की संख्या बढ़ाई गई थी । जिसमे बुराड़ी विधानसभा का ये निर्माधिन अस्पताल भी एक है ।

बुराड़ी विधानसभा के करीब एक दर्जन से ज्यादा गांव और करीब 200 से ज्यादा कालोनियों की जनता के अलावा तिमारपुर और नरेला विधानसभा के दर्जनों गांव और लगभग 1000 के आसपास छोटी बड़ी कालोनिया इस अस्पताल पर निर्भर करेगी । वैसे तो बुराड़ी के पास दिल्ली सरकार के दो बड़े अस्पताल है लेकिन उनमें चिकित्सा सुविधा नाम मात्र के लिए है । क्रिटिकल बीमारी को दोनों ही अस्पताल एम्स या एलएनजेपी में रेफर करते है ।

हिंदूराव या किसी अन्य अस्पताल में इलाज के लिए जाना पड़ता है

विधानसभा में इलाज़ के लिए अलग से कोई बड़ा सरकारी अस्पताल नहीं है । इस कारण सैकड़ों बीमार लोगों को हर रोज हिंदू राव अस्पताल या जहांगीरपुरी के बाबू जगजीवन राम अस्पताल में जाना पड़ता है । यदि कोई एक्सीडेंट भी होता है तो मरीज को पूरी बुराड़ी विधानसभा पार करते हुए बाड़ा हिंदू राव अस्पताल तक ले जाना पड़ता है । बीच में कई जगह काफी जाम मिलता है । जिससे बीच के ही मरीज के बार दम तोड़ देता है

सबसे पहले तो बुराड़ी के संत नगर में ही हमेशा भारी जाम लगा रहता है । करीब एक घंटे से ज्यादा का समय तो पेशेंट को अस्पताल ले जाते वक्त लग जाता है । और अधिकतर केस में मरीज की मौत अस्पताल ले जाते वक्त ही हो जाती है । साथ ही किसी महिला को डिलीवरी पेन होता है तो कहीं बार बच्चों का जन्म एंबुलेंस में ही हो जाता है क्योंकि यहां से अस्पताल काफी दूर है और टूटी सड़के और जाम की वजह से काफी ज्यादा वक्त लग जाता है ।

फिलहाल इस अस्पताल के बनने से इलाके की जनता को काफी राहत मिलेगी । और कंपनी के एक अधिकारी ने बताया कि अगर सबकुछ ठीक से चलता रहा तो साल 2019 में पूरी तरह से जनता के लिए शुरू हो जायेगा ।उसमे पीछे की ओर डॉक्टरों के रहने के लिए आवासीय परिसर भी बनाये गए है । कंपनी में पानी, लाइटिंग, सीवर, अंडर ग्राउंड वाटर टैंक, फायर सेफ्टी संबंधित उपकरण का काम पूरा हो चुका है ।यदि बात की जाए तो आसपास के इलाके में ये सबसे बड़ा अस्पताल होगा । अभी इसे पूरी तरह से सेंट्रलाइज ऐसी करने की योजना पर काम चल रहा है । अब बाकी बचे हुए काम मे बिल्डिंग को फिनिशिंग देने का काम बचा हुआ है ।

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