अम्बेडकर अस्पताल रोहिणी में यूनियन का शपथ ग्रहण


….
वीडियो
ऊपर वीडियो में यूनियन के पदाधिकारियों को और पूर्व मंत्री सन्दीप कुमार ने क्या कहा वह सब सुनिए ।

AA News Delhi

रिपोर्ट : नसीम अहमद / अनिल अत्री।
दिल्ली के रोहिणी में बने बाबा साहब अंबेडकर अस्पताल में यूनियन का चुनाव हुआ यूनियन में चुनाव जीते नए पदाधिकारियों को शपथ दिलाई गई शपथ के कार्यक्रम में अस्पताल प्रशासन के अधिकारियों समेत उत्तरी दिल्ली नगर निगम के डिप्टी मेयर विजय भगत स्थानीय विधायक महेंद्र गोयल , किराड़ी से विधायक रितु राज झा , सुल्तानपुर माजरा से विधायक और पूर्व मंत्री दिल्ली सरकार के संदीप कुमार , दिल्ली विधानसभा में उपसभापति राखी बिड़लान समेत और भी कई मौजूदा पार्षद और पूर्व पार्षदों ने भाग लिया। यूनियन के सचिव संजीव त्यागी तीसरी बार चुने गए हैं इस पर ईन्होंने तमाम कर्मचारियों का शुक्रिया किया, अभिवादन किया और यूनियन कर्मचारियों के कामों को और भी बेहतरीन ढंग से आगे पहुंचाने और करवाने की जिम्मेदारी निभाने की बात कही यूनियन में दूसरे पदाधिकारियों को भी शपथ दिलाई गई।

Baba Saheb Ambedkar Hospital Rohini Union Programme

Baba Saheb Ambedkar Hospital Rohini Union Programme

Baba Saheb Ambedkar Hospital Rohini Union Programme

Baba Saheb Ambedkar Hospital Rohini Union Programme

Baba Saheb Ambedkar Hospital Rohini Union Programme

Baba Saheb Ambedkar Hospital Rohini Union Programme

इस मौके पर बोलते हुए पूर्व मंत्री संदीप कुमार ने सरकारी अस्पतालों के जिक्र करते हुए कहा कि सरकारी अस्पतालों में निजी अस्पतालों की तुलना में बेहतर इलाज होता है और आखिरी दम तक डॉक्टर अपने मरीज को बचाने की कोशिश करते हैं । साथ ही संदीप कुमार ने मैक्स अस्पताल का ताजा उदाहरण भी दिया जिसमें जीवित बचे को मृत घोषित कर के पार्सल में लपेटकर परिजनों को सौंप दिया था संदीप कुमार ने कहा कि किसी भी सरकारी अस्पताल में ऐसी घटना नहीं हुई निजी अस्पतालों में इस तरह की घटनाएं सुनने को मिलती है इस से साफ है कि सरकारी अस्पतालों में निजी अस्पतालों से अच्छा बेहतर इलाज डॉक्टर करते हैं साथ ही दूसरा उदाहरण संदीप कुमार ने एक एलएनजेपी अस्पताल का दिया संदीप कुमार ने बताया कि रोहतक में एक पेशेंट को डेट घोषित कर दिया गया था जब उन लोगों ने पूर्व मंत्री संदीप कुमार से संपर्क किया था तो संदीप कुमार का कहना है कि उन्होंने कहा था कि वह अस्पताल से मृत्यु प्रमाण पत्र ले लेकिन जब डेड सर्टिफिकेट अस्पताल ने नहीं दिया तो परिजनों से तुरंत वेंटिलेटर लगाकर दिल्ली के एलएनजेपी अस्पताल में लेकर आए घटना के 7 दिन बाद संदीप कुमार का दावा है कि वह शख्स खुद चलकर अपने पांव से अस्पताल से बाहर आया जिसको निजी अस्पताल डेट घोषित कर रहे थे । इस तरह की घटनाओं का स्मरण कराते हुए सरकारी अस्पतालों की क्वालिटी और डॉक्टर की योग्यता के बारे में मौजूद लोगों को बताया गया।

Leave a Reply