दिल्ली में जानवर खा गए इंसान को सिर्फ हड्डियां मिली !

AA News
अलीपुर नई दिल्ली
अनिल अत्तरी न्यूज़ नेटवर्क

दिल्ली के अलीपुर इलाके में एक ट्रक ड्राइवर की बेरहमी से हाथ-पांव बांधकर गोली मारकर की हत्या। चावल की बोरियों से भरे ट्रक को लूटने के लिए दिया वारदात को अंजाम। फिलहाल पुलिस ने गुत्थी सुलझाते हुए इन हत्यारों को किया गिरफ्तार पुलिस ने हत्यारों की निशानदेही पर मृतक के कपड़े और हड्डी आज झाड़ जंगल से मिले। शरीर को किसी आवारा जानवरों द्वारा खाए जाने की आशंका पीड़ित परिवार हरियाणा के मेवात जिले के उमरी गांव का रहने वाला। परिवार का आरोप जो हड्डियां उनके मृतक की बताई जा रही है और पोस्टमार्टम के लिए भेजी गई है वह उनके मृतक कि नहीं हो सकती इसलिए केस की अच्छे से जांच और आरोपियों से दोबारा पूछताछ की मांग की है ।

Kamil Khan Truck Driver

Kamil Khan Truck Driver

दिल्ली में क्राइम लगातार बढ़ रहा है लूट की वारदात के लिए हत्यारे ताबड़तोड़ वारदातों को अंजाम दे रहे हैं पुलिस काफी मामलों में हत्यारों को गिरफ्तार भी कर रही है और बावजूद इसके दिल्ली में इस तरह की घटनाएं कम होने का नाम नहीं ले रही है। दरअसल यह मामला दिल्ली के अलीपुर थाना एरिया का है यहां चावल कंपनी का ट्रक ड्राइवर कामिल खान चावल की बोरियां भरकर दिल्ली से शाम के वक्त चला। कामिल खान पांच जनवरी को चला था। जब यह चावल ट्रांसपोर्ट से अपनी जगह तक नहीं पहुंचा तो मालिक ने छानबीन शुरु की और पुलिस को शिकायत दी कि उसका ड्राईवर ट्रक समेत गायब है मालिक को आशंका थी कि ट्रक ड्राइवर ने चावलों से भरे ट्रक को किसी के साथ मिलकर चुरा लिया है और इसमें ट्रक ड्राइवर का हाथ है। चोरी की FIR दर्ज करने के लिए पुलिस पर भी दबाव बनाए जाने की कोशिश की जाने लगी लेकिन पुलिस ने अकेले चोरी के एंगल पर ध्यान नहीं दिया बल्कि पूरे केस की कई एंगल से जांच शुरु कर दी।

Alipur Truck

Alipur Truck

ट्रक में GPRS लगा हुआ था। GPRS की मदद से पुलिस को ट्रक की लोकेशन दिल्ली के राजघाट के आस पास मिली वहां पर ट्रक को खाली खड़ा पाया गया। ट्रक लावारिस था और खाली सुनसान जगह पर खड़ा हुआ था इसके बाद पुलिस ने GPRS की मदद से ही यह चेक किया ट्रक किस-किस जगह गया था तो पता चला कि ट्रक मुकुंदपुर में भी किसी जगह पर काफी देर तक रुका हुआ था। जब उस जगह का जायजा अलीपुर थाना पुलिस ने लिया तो पता चला और वहां आस-पास के लोगों ने बताया कि वे केवल एक शख्स जानते है जिसेको उन्होंने यहां खड़े देखा था। बताया कि यहां पर उस ट्रक से सामान उतार कर के एक दूसरी गाड़ी में लोड भी किया गया था। जब उस शख्स से पूछताछ की गई तो उस शख्स ने बताया कि वह ट्रक के पास आया जरूर था लेकिन वह उनको जानता नहीं क्योंकि उसको उन लोगों ने गोदाम किराए पर लेने के लिए बात की थी और गोदाम किराए पर नहीं हो पाया यह सूचना उन को देने के लिए मौके पर गया था। इसके बाद पुलिस ने जिस शख्स ने गोदाम बुक करवाने के लिए पूछा था उससे बात की थी दिल्ली के यमुना पार से उस शख्स को उठाया तो उस शख्स ने बताया कि अलीपुर के ही जहां कंपनी से चला था वही बगल के ढाबे से वह सभी लोग इसके लूट के इरादे से ट्रक के साथ चले थे। यह सब कहानी खुली तो सभी दंग रह गए ।

Kamil Khan's Driver

Kamil Khan’s Driver

Kamil Khan's Mother

Kamil Khan’s Mother

दरअसल ये सभी उसी ढाबे पर काम करने वाले लोग थे इन्होंने ट्रक से चावल लूटने के इरादे से एक ट्रक के आगे अपना छोटा टेंपो लगाया और उसमें ड्राइवर के हाथ-पैर बांधकर पास की झाड़ियों में फेंक दिया गया। पीड़ित परिवार की मानें तो हत्यारों ने जो बताया है उसके हिसाब से उन्होंने पहले उसको छोड़ देने की बात सोची और ड्राइवर ने भी हाथ जोड़ते हुए कह दिया था कि उसका ट्रक लूट ले जाए लेकिन उसकी हत्या न करें उसके छोटे छोटे बच्चे हैं। लेकिन इन लुटेरों का दिल नहीं पसीजा तो एक लुटेरे ने कहा कि इसे चलता कर देते हैं और उसके सिर में गोली मार दी।

Alipur Spot

Alipur Spot

इसके बाद कामिल खान की मौत हो गई। मौत के बाद भी इन लोगों ने बताया कि उन्होंने दोबारा उसके हाथ पांव हिला कर चेक किया कहीं यह जिंदा तो हो नहीं बचा। शायद हत्यारो को आशंका थी कि ट्रक ड्राइवर ढाबे पर कई बार चाय पीने आता था कहीं उसने पहचानने लिया तो वे पकड़े जाएंगे शायद इस इरादे से भी उन्होंने ट्रक ड्राइवर की हत्या की। पुलिस ने हत्यारों की निशानदेही पर जब मौके पर जाकर तलाशी ली तो झाड़ जंगल से कामिल के कपड़े मिले वह कुछ हड्डियां मिली पर पुलिस का कहना है बॉडी के कुछ हिस्से मिले। साथ में जिस जगह पर गोली मारी गई थी वहां पर खून के धब्बे भी मिले हैं। पुलिस ने हड्डियों के हिस्सों पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

पुलिस कामिल खान की बरामद हड्डियों का डीएनए टेस्ट भी कराएगी ताकि परिवार से उसका DNA मिलान करवाया जा सके साथ ही पुलिस ने जिन पांच हत्यारों को गिरफ्तार किया है उनमें से दो को ज्यूडिशियल कस्टडी भेज दिया गया है जबकि बाकी तीन पुलिस कस्टडी में है। साथ में जिस हथियार से गोली मारी गई थी उसको भी पुलिस ने बरामद कर लिया है और उस गाड़ी को भी ।

इस पर परिवार का कहना है कि वह पुलिस की जांच से पूरी तरह से संतुष्ट नहीं है। परिवार का आरोप है कि जो हड्डियां कामिल खान की बताई जा रही है वे उनके कामिल की नहीं हो सकती क्योंकि परिवार के हिसाब से ये हड्डियां काफी पुरानी है साथ ही परिवार का कहना है कि यदि शव को आवारा जानवरों ने खाया तो उनके कपड़े कैसे पूरी तरह से साबुत मिले यदि कोई जानवर उनके शरीर को खाता जो कपड़े भी जरूर फटते । साथ ही कपड़ों में खून के दाग मिलते लेकिन ऐसा कुछ नहीं मिला। न कपड़ों से खून सना हुआ मिला है साथ ही परिजनों का आरोप है कि खुद हत्या करने वालों ने बार-बार पूछने पर यह साफ बताया है कि उन्होंने कपड़े नहीं उतारे थे। हत्यारे हत्या के बाद वहां से चले गए थे परिवार को आशंका है कहीं शव को नाले में फेंका गया हो परिवार चाहता है कि पूरे मामले की क्राइम ब्रांच से या किसी दूसरे जांच एजेंसी से जांच हो और साथ ही हत्यारों को दोबारा से पूछताछ के लिए पुलिस कस्टडी में लिया जाए और नए सिरे से जांच हो।

हत्यारों में 21 साल का रिजवान दिल्ली के मुस्तफाबाद का रहने वाला है और 20 साल का है जीतू अलीपुर का रहने वाला है साथ ही 20 साल के ही अरविंद और ध्रुव ये दोनों भी अलीपुर के रहने वाले हैं 25 साल का संदीप कुमार यह भी अलीपुर का ही रहने वाला है इन हत्यारों में ध्रुव, जीतू , अरविंद और राहुल ढाबे पर काम करते थे ध्रुव ने यह प्लान बनाया था जिसमें यह सभी लोग शामिल हुए। जीतू कुछ ही दिन पहले एक चोरी के केस में फरीदाबाद जेल से बाहर आया था। इनके साथ शामिल हुआ रिजवान उस टेंपो का ड्राइवर था जो इस क्राइम में शामिल हुआ। जीतू ने हथियार को उपलब्ध करवाया था जिससे ड्राइवर का मर्डर किया गया । फिलहाल अलीपुर थाना पुलिस ने इसे अकेले चोरी के एंगल से जांच न करके बल्कि पूरे मामले का पर्दाफाश किया और हत्यारों को भी गिरफ्तार कर लिया है और साथ ही पुलिस का कहना है कि किसी भी तरह का कोई संदेह नहीं हो इसके लिए वह डीएनए टेस्ट भी करवाएंगे लेकिन घटना ने दिल्ली की कानून व्यवस्था पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं साथ ही यह समाज के लिए भी एक चिंता का विषय है कि आखिरकार पुलिस द्वारा अधिकतर मामलों में पकड़े जाने के बाद भी लोग क्यों इस तरह का कदम उठा रहे हैं ? क्यों नहीं लोग क्राइम करने से बाज आ रहे है ? जरूरत है इन वजहों की जड़ में जाकर उनका समाधान की तलाश आ जाए।

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