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Friday, October 23, 2026
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 दिल्ली के रोहिणी में मधुबन चौक के अंडरपास में बीती रात एक दर्दनाक हादसे में डीटीसी के 2 डीटीसी  कर्मचारियों की मौत

· by admin1
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2 डीटीसी कर्मचारियों की मौत
2 डीटीसी कर्मचारियों की मौत

दिल्ली के रोहिणी में मधुबन चौक के अंडरपास में बीती रात एक दर्दनाक हादसे में डीटीसी के 2 डीटीसी  कर्मचारियों की मौत हो गई, दोनों लो-फ्लोर बस की मरम्मत के चलते पीछे खड़े होकर ट्रैफिक डायवर्ट कर रहे थे, ताकि अंधेरे में कोई वाहन टकरा न जाए, तभी एक तेज रफ्तार टेंपो ने दोनों को रौंद दिया। उनकी मौके पर मौत हो गई। जिसके बाद शुक्रवार अपने साथी की मौत से गुस्साये डीटीसी कर्मियों ने रोहिणी के सामने यातायात जाम कर दिया
ये तस्वीर है दोनों मृत डीटीसी बस चालक प्रमोद (37 ) और कंडक्टर सुनील ( 32 ) की सुनील किराड़ी के सुलेमान गांव का रहने वाला था। प्रमोद का घर-परिवार लाडपुर गांव में है। बताया जा रहा है की 982 के रूट पर चलने वाली डीटीसी की बस सीमा पूरी से सुल्तान पूरी के बिच चलती है जो रात अंडरपास के पास खराब हो गई पीछे से तेजरफ्तार टैंपो बस में टकराया, जिससे बस की मरम्मत कर रहे एक मिस्त्री और एक कंडक्टर और टेम्पो चालक भी बुरी तरह घायल हुए। जिनकी हालत नाजुक बताई जा रही है  टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि टैंपो और बस बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। घायलों को बाहर निकालने में मुश्किलें आईं। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने दो को मृत बताया।
दो ड्राइवरों की मौत से डीटीसी विभाग के रोहिणी डिपो में मातम पसरा है। आज सुबह रोहिणी के डिपो-3 में मृत ड्राइवर प्रमोद के परिजन, दोनों बच्चे, रिश्तेदार और बड़ी संख्या में डीटीसी का स्टाफ जमा हो गया। लोगों ने कुछ देर के लिए बाहर निकल रोड भी जाम कर दी। समझाने पर डिपो में लौटे। उन्हें सांत्वना देने विधानसभा के नेता विपक्ष विजेंद्र गुप्ता और दिल्ली सरकार परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत भी पहुचे और परिवार को संतुना देकर उचित मुआवजे की बात भी कही । बिजेंद्र गुप्ता भी पहुंचे और कहा कि बाहर एक करोड़ दे सकते है यहां अपने कर्मचारी को क्यो नही । पीड़ित परिवार की एक करोड़ की सहायता तुरन्त हो और विधानसभा में मांग उठाने की बात कही ।
हादसे के बाद दोनों ही परिवारों में मातम पसरा है वही परिवार और डीटीसी कर्मी सरकार से उचित मुवाजे के साथ परिवार के लिए नोकरी चाहते है ताकि उनका परिवार गुजर बसर कर सके हादसे ने एक बार फिर साबित कर दिया की तेज रफ़्तार और लापरवाही किस कदर इंसानी जान पर हावी है जिससे २ घरो के चिराग हमेशा के लिए बुझ गए  ।

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