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Tuesday, September 22, 2026
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गुरु गोविंद सिंह को आतंकी बताने वाले स्कूल की मान्यता रद्द करने और दोषियों के खिलाफ हुई कार्रवाई की मांग।

· by admin0
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Manjinder Singh Sirsa (president DSGMC)

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NEW DELHI

दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा ने आज सैंट ग्रेगोरियस स्कूल द्वारका के खिलाफ फौजदारी शिकायत दर्ज करवाई जिसने गुरु गोबिंद सिंह जी को एक आतंकवादी बताया व कहा कि उन्होंने सिखों को आतंकवादी ग्रूप खालसा बनाया। दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी के अध्यक्ष ने दिल्ली सरकार से स्कूल की मान्यता भी तुरंत रद्द किये जाने की मांग की।

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Manjinder Singh Sirsa (president DSGMC)

पुलिस के पास दायर शिकायत में श्री सिरसा ने कहा कि स्कूल ने विद्यार्थियों को एक सवाल किया जिसमें गुरु गोबिंद सिंह जी को एक आतंकवादी बताया गया। उन्होंने कहा कि यह देश के इतिहास का बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण दिन है देश के लोगों के धर्म की रक्षा के लिए, मानवता की रक्षा के लिए और जुल्म के खिलाफ लड़ने के लिए अपने चार पुत्र, पिता व वंश कुर्बान करने वाले गुरु साहिब को आतंकवादी बताया गया है।

https://youtu.be/E0qaFUbkan8

सिखों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए स्कूल के खिलाफ आई.पी.सी की अलग-अलग धाराओं के तहत कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है सिखों को बदनाम करने व लोगों और खासतौर पर बच्चों के मन में सिखों के प्रति ज़हर भरने की मुहिम चलाई गई है। स्कूल द्वारा कहा गया है गुरु गोबिंद सिंह जी को सिखों को एक आतंकवादी ग्रुप में बदला जिसका नाम खालसा रखा गया। इससे पता चलता है कि सारी सिख कौम को आतंकवादी बताने का प्रयास हो रहा है।

St. Gregorios school dwarka.Q. Paper
St. Gregorios school dwarka.Q. Paper

श्री सिरसा ने दिल्ली सरकार को भी बताया कि कक्षा सातवीं के समाजिक विज्ञान विषय के पेपर में यह सवाल डाला गया था। उन्होंने कहा कि सेंट ग्रगोरियस स्कूल ने तथ्यों को तोड़ मरोड़ कर गुरु गोबिंद सिंह जी का अक्स खराब करने की कोशिश की है। इस तुच्छ हरकत से सिखों की भावनाओं को ठेस पहुंची है और इसलिए मामले को तुरंत हल किये जाने की जरूरत है। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि स्कूल प्रशासन के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए व स्कूल की मान्यता रद्द होनी चाहिए तांकि भविष्य में ऐसी गलती दोबारा ना हो। उन्होंने कहा कि स्कूल ऐसी जगह है जहां धार्मिक सदभावना का प्रचार होता है पर जिस प्रकार की भाषा का इस्तेमाल हुआ है वह विद्यार्थियों के मन में घृणा व नफरत की भावना पैदा करती है जो कभी भी बर्दाशत नहीं किया जा सकता।

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