26 नवम्बर 2017, जसिया-रोहतक, में जाट सेवा संघ एवम् अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति द्वारा दीनबन्धु छोटूराम प्रतियोगी परीक्षा एवं कौषल विकास संस्थान (Deenbandhu Chhoturam Institute for Competitive Exam & Skill Development) के भूमि पूजन व षिलान्यास के अवसर पर देष भर से जम्मू-कष्मीर, हिमाचल प्रदेष, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेष, उत्तराखण्ड, राजस्थान, मध्य प्रदेष, छत्तीसगढ़, गुजरात, महाराष्ट्र और बिहार आदि राज्यों के 175 से ज्यादा जिलों से आये जाट समाज के वरिष्ठ राजनेता, औद्योगिक घराने के प्रतिनिधि, फिल्म कलाकार, अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी, वरिष्ठ सेवानिवृत अधिकारी व न्यायधीष, पत्रकार, षिक्षाविद, डाक्टर, इंजीनियर्स, सीए, सी एस व लेखक आदि सभी क्षेत्रों के वरिष्ठ लोग शामिल हुए और सभी ने समाज के नेक कार्य के लिये बनाये जाने वाले इस संस्थान के निर्माण में सहयोग देने का भरोसा दिलाया।

इस अवसर पर आयोजित जाट महारैली में बोलते हुऐ समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री यषपाल मलिक ने बताया कि देष में यह संस्थान अपनी तरह का पहला संस्थान होगा जिसमें समाज के युवाओं को सरकारी नौकरियों में तृतीय श्रेणी से लेकर प्रथम श्रेणी (Third Class to 1stClass) की नौकरियों, प्रोफेषनल कॉलेज में दाखिलों की कोचिंग के साथ युवाओं को प्राइवेट सैक्टर के लिये कौषल विकास व व्यापार में आगे बढ़ने के लिये भी कोचिंग दी जायेगी। यह संस्थान पढ़ाई के साथ साथ जाट समाज के इतिहास, सांस्कृतिक धरोहर को भी सजोने का काम करेगा। देष के लिये बलिदान होने वाले शहीदों व आन्दोलनों में शहीदों व भागीदारों के इतिहास को भी संजोकर रखा जायेगा। इस संस्थान में जाट समाज के खिलाफ रचने वालों की साजिषों को समय रहते समाज के सामने लाकर ऐसी साजिषों को नाकाम करने का काम भी संस्थान में प्रषिक्षित जाट कौम के लिये काम करने वाले लोगों के द्वारा किया जायेगा। आने वाले 3 साल के अन्दर संस्थान की शाखाओं को देष भर में उन सभी जिलों में खोला जायेगा जहाँ जाट समाज रहता है। इस अवसर पर उन्होंने बताया कि जाट समाज को संगठित होकर, षिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़कर अपने अधिकारों के लिये लगातार संघर्ष करना होगा। इस अवसर पर राष्ट्रीय महासचिव श्री अषोक बल्हारा ने 19 मार्च 2017 को हरियाणा भवन दिल्ली में हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर, केन्द्रीय मंत्री चौ॰ बीरेन्द्र सिंह और केन्द्रीय मंत्री श्री पी.पी.चौधरी की उपस्थिति में हुऐ समझौते पर बोलते हुऐ कहा कि हरियाणा सरकार समझौते को लागू करने में देरी कर रही है जिसके कारण समाज में असन्तोष बढ़ रहा है। अगर हरियाणा व केन्द्र सरकार द्वारा समझौते को जल्द लागू नहीं किया गया तो जाट समाज को फिर से आन्दोलन की राह पर जाना पड़ेगा। इस अवसर पर समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री यषपाल मलिक ने जाट समाज से निम्नलिखित 8 प्रस्तावों को पास कराया, जिनको जाट महारैली में आये लोगों द्वारा सर्वसम्मति से पास कर दिया गया, जो निम्न हैंः-
1. आज जाट सेवा संघ द्वारा दीनबन्धु छोटूराम प्रतियोगी परीक्षा एवं कौषल विकास संस्थान के भूमि पूजन व षिलान्यास का कार्यक्रम सभी उपस्थिति में पूरा हुआ।
2. संस्थान के प्रथम चरण में कार्यालय का निर्माण कार्य 3 दिसम्बर 2017 को शुरू होगा।
3. संस्थान का मुख्य निर्माण कार्य आने वाली जनवरी 2018 में बसन्त पंचमी के शुभ अवसर पर शुरू किया जायेगा।
4. संस्थान के निर्माण के लिये जाट समाज जो भाई सहयोग करना चाहते हैं वह एक ईंट व उसके साथ अपनी समार्थ्य के अनुसार दान देकर संस्थान के निर्माण में अपना सहयोग दें। जिसके लिये हरियाणा प्रदेष के साथ अन्य प्रदेषों के जाट भाई भी अपना योगदान दें।
5. 19 मार्च 2017 को हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर व केन्द्र सरकार के प्रतिनिधि चौ॰ बीरेन्द्र सिंह और केन्द्रीय मंत्री श्री पी.पी.चौधरी के साथ 6 माँगों पर हुऐ समझौते की बची शेष माँगों पर सरकार तुरन्त कार्यवाही करे।
6. हरियाणा सरकार दिसम्बर 2017 तक सभी कार्यवाही पूरी कर हरियाणा के जाटों को प्रदेष स्तर पर आरक्षण का लाभ दे।
7. केन्द्र सरकार अपने वायदे के मुताबिक आने वाले शीतकालीन सत्र में राष्ट्रीय सामाजिक व शैक्षणिक पिछड़ा वर्ग आयोग का संषोधन विधेयक संसद में पास कराकर जाट समाज को केन्द्र की ओ.बी.सी. श्रेणी में शामिल करे।
8. भविष्य में जाट आरक्षण आन्दोलन की रणनीति तय करने व 19 मार्च 2017 को हुऐ समझौते की सभी माँगों पर समीक्षा करने व जाट सेवा संघ के भविष्य के कार्यक्रमों को गति देने के लिये 3 दिसम्बर 2017 को हरियाणा प्रदेष कार्यकारिणी व राष्ट्रीय कार्यकारिणी के मुख्य पदाधिकारीयों की मीटिंग आयोजित कर निर्णय लिये जायेंगे।
उपरोक्त सभी प्रस्तावों को सर्वसम्मति से रैली में आये सभी लोगों ने पास कर दिया और सभी ने विष्वास दिलाया कि जाट समाज हमेषा एक जुट है और समिति व जाट सेवा संघ के कार्यक्रमों का विरोध करने वाले लोग अपने निजि स्वार्थों को पूरा करने के लिये जिन राजनेताओं के इषारे व प्रदेष सरकार की मिली भगत से जाट समाज को बदनाम कर रहे हैं। समाज समय आने पर उनको व उनके आकाओं को बेनकाब कर उनके खिलाफ कठोर सामाजिक निर्णय लेगा।