माँ-बेटा डिप्रेशन में .. 3 साल से कमरे में बंद था बेटा आज हुई मौत

AA News

उत्तरी पश्चिमी दिल्ली के केशव नगर थाना एरिया के त्रि नगर में नारंग कॉलोनी की गली नंबर 9 में रहने वाली एक महिला ने अपने 11 साल के मासूम बच्चे को 3 साल से कमरे में रखा हुआ था बन्द। आसपास के लोगों ने गंभीर हालत में बच्चे को करीब सप्ताह पहले रेस्क्यू कराया। आज बच्चे की अस्पताल में मौत । मां भी कई साल से है डिप्रेशन में। मां के साथ ही इकलौता बेटा भी आ गया था डिप्रेशन में जिसके चलते हुआ यह हुई यह घटना । फिलहाल केशव पुरम थाना पुलिस मामले की जांच में जुटी है। बच्चे का सोमवार को होगा पोस्टमार्टम।

राजधानी दिल्ली में एक ऐसा चौका देने वाला मामला सामने आया है..जिसने मां की ममता के साथ इंसानियत को भी शमर्सार कर दिया है…जहां एक मासूम की ऐसी दर्दनाक मौत हुई है ..जिसने सबको सकते में डाल दिया है..और अपने बच्चे की मौत का जिम्मेदार कोई और नहीं.. वो मां है जिसने उसे जन्म दिया है..बच्चे को पिछले हफ्ते ही गम्भीर हालत में अस्पताल में भर्ती करवाया जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.. लेकिन माँ की क्या मजबूरी थी कि उसने ऐसा किया दरअसल माँ भी पति के छोड़कर जाने के बाद थी डिप्रेशन में । दिल्ली के त्रिनगर इलाके में एक मां अपने बच्चे मयंक के साथ पिछले कई सालों से यहाँ रह रही थी..लेकिन मयंक के पिता साथ नहीं रहते थे..मयंक की नानी ने बताया की 12 अक्टूबर को बेटी नीता ने अपने बच्चे को घर से बाहर निकाल दिया । आरोप है कि बच्चा तीन साल से बाहर नही निकला था ..उस बीच मयंक की हालत बहुत खराब थी..

Tri Nagar Narang Colony

Tri Nagar Narang Colony


मृतक मयंक की मां नीता ने बताया की उसका पति पिछले कई सालों से किसी महिला के साथ रहता है..उसका घर पर आना जाना नहीं है..मयंक खुद ही घर से बाहर नहीं निकलता था..उसे स्कूल में एडमिशन दिलवाया तो वहां भी नहीं जाता था…उसे पिछले डेढ़ महीने से लूजमोशन हो रहे थे और कुछ खा भी नही रहा था..हर वक्त कमरे में ही रहता था..’उसे 12 अक्टूबर को घर की सफाई के लिए बाहर बिठाया तो पड़ोसियो ने पुलिस को फोन कर दिया..मैं खुद ही अपनी जिंदगी से परेशान हूं… मैं सुसाइड कर लूंगी’..ये बाते मयंक मां बोल रही है..मां की हालत देखकर ऐसा लगता है कि उसकी दिमागी हालत ठीक नहीं है..

पड़ोस में रहने वाले लोगों ने बताया की पिछले कई सालों से मयंक को हमने नहीं देखा..करीब तीन साल पहले जरूर बालकॉनी में खेलते हुए जरूर देखा था..लेकिन बाद से कभी नहीं देखा…मयंक की हालत देखकर ऐसा लगता है जैसे कई दिनों से उसने कुछ न खाया हो..शरीर की सब हड्डियां बाहर आ चुकी थी..मानो कुपोषण का शिकार रहा हो.. केशवपुरम पुलिस स्टेशन का कहना है की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा की मयंक की मौत कैसे हुई है…

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