SDM इरा सिंघल, BBA और सरकारी टीम को 50 से ज्यादा बच्चे खतरनाक 2 फैक्ट्रियों में काम करते मिले

AA News
Badali Indestrial Area
Report : Anil Kumar Attri , Naseem Ahmad

दिल्ली के बादली इंडस्ट्रियल एरिया से मात्र 2 फैक्ट्रियों से 50 से ज्यादा नाबालिग बच्चे खतरनाक काम करते हुए रेस्क्यू को करवाए गए। SDM इरा सिंघल, बचपन बचाओ आंदोलन, दिल्ली पुलिस और सरकारी एजेंसियों ने मिलकर दो फैक्ट्रियों पर गुप्त सूचना के आधार पर की थी रेड। दोनो फैक्ट्रियों को सील करके मालिको को हिरासत में ले लिया है ।

बादली इंडस्ट्रियल एरिया की इन खतरनाक फैक्ट्रियों में नाबालिग बच्चों से लोहे की गर्म भटियों के सामने काम करवाया जा रहा था। इस चीज की खुफिया जानकारी बचपन बचाओ आंदोलन को लगी । अलीपुर SDM इरा सिंघल ने इस मामले में मुस्तैदी दिखाते हुए टीम का गठन किया, जिसमें SDM के अलावा बचपन बचाओ आंदोलन की टीम, तहसीलदार और दूसरे कर्मचारी साथ में दिल्ली पुलिस इन सभी ने एक संयुक्त रेड की जिसमें दो फैक्ट्रियों पर यह सब चेक किया गया तो टीम भी हैरान रह गई।

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पहली फैक्ट्री में पाया कि गरम भटियों में लोहे को गलाया जा रहा था और पूरी फैक्ट्री में जबरदस्त हीट थी और बड़ी-बड़ी मशीनें चल रही थी। लोहे को गलाकर गैस चूल्हे के बर्नर और कुछ दूसरे आइटम बनाए जा रहे थे। यहां नाबालिक बच्चे काम कर रहे थे । यही हालात पास में दूसरी फैक्ट्री में थे।

दोनों फैक्ट्रियों में 50 से ज्यादा बच्चे रेस्क्यू करवाए गए। यह हैरान करने वाली बात है कि मात्र 2 फैक्ट्रियों में 50 से ज्यादा बच्चे इस तरह से चाइल्ड लेबर करते हुए पाए गए।

इन बच्चों को रेस्क्यू करवाने के बाद SDM कार्यालय लाया गया और बच्चों की काउंसलिंग की जा रही है। साथ ही इन सभी बच्चों की ऐज भी वेरीफाई की जाएगी जो बच्चा बालिग मिला तो उसे काम करने के लिए छूट दी जाएगी। नाबालिग बच्चों को मुक्ति आश्रम भेजकर बादली इंडस्ट्रियल एरिया की इन फैक्ट्रियों को सील किया गया है । अब कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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बच्चों को मुक्ति आश्रम भेजकर साथ ही उनके घर – गांव तक पहुंचाने की प्रक्रिया की जाएगी। फैक्ट्री मालिकों से जुर्माने की राशि इन बाल मजदूरों को दिलाई जाएगी साथ ही जो सरकारी सहायता भी बाल मजदूरों को दी जाती है वह भी इन बच्चों को दी जाएगी। सरकारी अधिकारी साल में एक बार यह भी चेक करेंगे कि इन बच्चों के मां-बाप ने दोबारा इन मासूमों को चाइल्ड लेबर के लिए कहीं फैक्ट्री में न भेज दिया हो। बच्चों को सहायता राशि उनके पर्सनल अकाउंट खुलवा कर उसमें जमा करवाई जाती है। फिलहाल दोनों फैक्ट्रियों के मालिकों को हिरासत में ले लिया गया है और फैक्ट्रियां सील कर दी गई है ।

जरूरत है ऐसे मामले में अभिभावक भी सावधानी बरते हैं और अपने मासूम बच्चों को ऐसे खतरनाक फैक्ट्रियों में काम करने के लिए न भेजें । साथ ही यह भी जरूरत है कि ऐसे फैक्ट्री मालिकों को सख्त से सख्त सजा मिले जो मासूम बच्चों से इतना खतरनाक काम करवा रहे थे। ये तो दो ही फैक्ट्रियां है जरूरत है समय-समय पर दिल्ली नहीं देश के हर इंडस्ट्रियल एरिया में इस तरह की नजर रखी जाए कहीं बाल मजदूरी तो नहीं हो रही।

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