दिल्ली में सरकारी एम्बुलेंस सेवा CATS के BVG कर्मचारी गये हडताल पर

CATS के कर्मचारी और संचालन कर रही निजी कम्पनी के बीच में काफी विवाद रहे है. कभी सेलरी इश्यु तो कभी कॉल को लेकर अक्सर विवाद होता है. अब कैट्स की यूनियन ने निजी कम्पनी के अधिकारियो पर मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाये है. जिस कारण BAG कम्पनी के तहत कम करने वाले कैट्स कर्मचारी अचानक बुधवार शाम को हडताल पर चले गये जिससे गुरूवार सुबह अस्पतालों और सडको पर एम्बुलेंस नही मिल पाने से दिल्ली में बड़ी दिक्कत खड़ी हो सकती है. कैट्स में दिल्ली सरकार के पुराने AAO की संख्या अब बिल्कुल कम रह गई इन अनुभवी स्टाफ से अधिकतर को अस्पतालों में ड्यूटी पर लगा दिया जिससे काफी दिक्कत कैट्स संचालन में आ रही है. कुछ NRHM के पुराने कर्मचारी सीधे तौर पर हडताल पर तो नही आये क्योकि मुदद यहा कम्पनी के कर्मचारियों का है पर सम्भवना है गुरूवार सुबह से ये कर्मचारी भी अंदर के खाते इन BVG स्टाफ का समर्थन करेंगे. कही ड्राईवर नही होने तो कहा पैरा मैडिक तो कई जगह से AAO भी छुट्टी पर जा सकते है जिस कारण कल दिल्ली को सावधान रहने की जरूरत है. कल किसी हादसे के बाद तुरंत एम्बुलेंस मिले ये सभव नही नजर आ रहा है. AA News एडिटर अनिल अत्री को कैट्स यूनियन के पदाधिकारियों ने बताया कि इन्होने ये ही बाते दिल्ली सरकार की हेल्थ मनिस्टर को लिखी है इन्होने बताया कि कैट्स एम्बुलेंस की संचालनकर्ता कम्पनी अधिकारियों द्वारा हम आउटसोर्स स्टाफ का कैट्स कण्ट्रोल रूम बुलाकर दुर्भावनापूर्ण तरीके से मानसिक शोषण किया जा जाता है I कंपनी अधिकारी किसी भी स्टाफ को बिना वजह लक्ष्मी नगर तलब कर लेते है और वंहा स्टाफ के साथ बद से बत्तर सलूक किया जाता है I पहले तो कर्मचारियों को वंहा कई कई घंटे तक बिठा कर रखा जाता है और फिर जब उसको अंदर बुलाया जाता है तो BVG कम्पनी के अधिकारी व् कुछ सुपरवाइजर जो वंहा मौजूद होते है कर्मचारी को घेर कर बिठा लेते है और उससे जबरदस्ती गलती मनवाते है कर्मचारी द्वारा मना करने पर किसी और स्टाफ के नाम से मामले की लिखित शिकायत दर्ज करने को कहते है वो भी मना करने पर ससपेंड लैटर ऑफर किया जाता है I महोदय वंहा कर्मचारी को इतना मजबूर कर दिया जाता है कि वो बुरी तरह मेंटली परेशान हो जाता है I महोदय कैट्स में कार्यरत तमाम कर्मचारी देश की राजधानी दिल्ली में काम कर रहे है और कर्मचारियों को अपने हक़ की व् शोषण के विरुद्ध आवाज उठाने का मौलिक व् कानूनी पूरा हक़ है और यह कम्पनी जो भी कर्मचारी अपना हक़ मांगता है उसके साथ ऐसा व्यवहार कर रही है I आज भी ऐसा ही हुआ हमारे साथी राजीव को लक्ष्मी नगर बुलाया गया और सबसे पहले उसका फोन छीन लिया गया और उसको किडनैप कर लिया गया। पूरा दिन किसी से भी बात नहीं करने दी गई और हमारे साथी का मेंटली टॉर्चर किया गया और उसे झूठी शिकायत पर फसाने की कोशिश की गई। हमारा साथी बुरी तरह मेंटली टॉर्चर का शिकार है। मामले में कंपनी पर कार्रवाही हो और हमारी सभी मांगे जिनके कारण पहले भी विरोध हुए है वो पूरी हो अन्यथा हम काम पर नहीं आएंगे I अतः प्रधान नियोक्ता कैट्स डिपार्टमेंट व् समस्त दिल्ली के अधिकारियों मंत्री जी इस मामले में कम्पनी अधिकारियों पर कार्रवाही करे और कर्मचारियों को ऐसे माहौल से छुटकारा दिलवाए जहा अंग्रेजो की तरह कर्मचारियों को कम्पनी द्वारा परेशान किया जा रहा है

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उपरोक्त वक्तव्य कैट्स यूनियन का है जो इन्होने दिल्ली सरकार से गुहार लगाई है. यहा ये बात सर्वविदित है कि दिल्ली में पहले कैट्स गाडियों और स्टाफ की संख्या काफी कम थी अब कई गुना बढ़ा दी गई है पर पहले कैट्स का देश में नाम होता था. बिहार बाढ़ और गुजरात त्रासदी में भी दिल्ली की कैट्स एम्बुलेंस वहा जाकर भी राहत बचाव में अहम भूमिका निभाती थी पर आजकल कैट्स का बेडा कई गुना बढ़ गया पर इसके बाद भी दिल्ली भी अच्छे से सम्भल नही पा रही है इससे साफ़ है कही न कही मैनेजमेंट में कमी जरुर आई है जरूरत है जिसपर ध्यान देकर कैट्स को पुराने पायदान पर पहुंचाकर देश को फिर से दिल्ली की CATS सेवा अपना जलवा दिखाए. अनिल अत्तरी दिल्ली …………………..

 

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