बवाना व भोरगढ़ इंडस्ट्रियल एरिया की 25 हजार फैक्ट्रियों पर लीज कैंसल का खतरा

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दिल्ली में बवाना और नरेला के भोरगढ़ इंडस्ट्रियल एरिया की करीब 25 हज़ार फैक्ट्रियों की लीज कैंसल होने का ख़तरा मंडरा रहा है। DSIIDC ने यहाँ के ऐसी तमाम फैक्ट्रियों को नोटिस दिए है जिन्होंने अपनी फैक्ट्री या तो किराये पर दी हुयी है या उनमें काम बंद है या ट्रेड बदला हुआ है। इससे घबराये सैकड़ों कारोबारी आज उद्योग मंत्री सतेंद्र जैन आवास पर मिले और नोटिस वापस लेने की मांग की। सतेंद्र जैन ने इसे DSIIDC अधिकारयों की बदमासी बताया और भरोसा दिलाया की एक भी फैक्ट्री की लीज कैंसल नहीं होगी और इन फैक्ट्रियों को फ्री होल्ड करने की प्रक्रिया तेज़ होगी।

बवाना इंडस्ट्रियल एरिया से आये ये कारोबारी बेशक ठहाके लगा रहे है लेकिन इनके हाथों में तख्तियां इनकी तकलीफ को बयां कर रही है। इनका दर्द है की वर्षों से ये अपनी फैक्ट्रियों को फ्री होल्ड करने की मांग कर रहे है लेकिन वर्षों बाद इन्हे मिला तो DSIIDC का नोटिस ।

डीएसआईआईडीसी ने बवाना और भोरगढ़ इलाके की तमाम विस्थापित फैक्ट्रियों की लीज कैंसल करने के नोटिस भेजे है जो या तो खाली है या जो किराये पर चल रहे है। इन नोटिस से घबराये बवाना चेम्बर्स और इंडस्ट्री से जुड़े कारोबारी उद्योग मंत्री सतेंद्र जैन के निवास स्थान पर पहुंचे और उन्हें ज्ञापन दिया।

Bawana and Bhorgarh indestrial area matter

Bawana and Bhorgarh indestrial area matter

इन कारोबारियों का कहना है की इन्हे 22 साल पहले प्लाट मिले थे । कई मूल फैक्ट्री मालिक स्वर्ग सिधार गए तो कुछ ने बदली परिस्थतियों को देखते हुए ट्रैड बदल लिया। कुछ ने अपनी प्रॉपर्टी बेच दी। इन कारोबारियों ने सतेंद्र जैन से सवाल पूछा की क्या ट्रैड बदलना पाप है ?
हर चुनाव में हर पार्टी ने इन फैक्ट्रियों को फ्री होल्ड करने का वादा किया। ये नोटिस उनके साथ धोखा है।

सैकड़ों की संख्या में आये इन कारोबारियों की मांग और उनके दर्द को सतेंद्र जैन ने भी ध्यान से सूना और उनकी मांगों से सहमत नजर आये। सतेंद्र जैन ने स्वीकार किया की अधिकारी अभी भी मनमानी कर रहे है। डीएसआईआईडीसी के अधिकारी अवैध उगाही के लिए इस तरह के हथकंडे अपना रहे है।

सतेंद्र जैन ने कारोबारियों को भरोसा दिलाया की सरकार उनकी जायज मांगो के साथ खड़ी है। जल्द ही ये नोटिस वापस होंगे और किसी भी फैक्ट्री पर कोई करवाई नहीं होने दी जाएगी ।
सतेंद्र जैन के इस आश्वान के बाद बवाना चेम्बर्स ऑफ़ इंडस्ट्रीज ने कुछ राहत महसूस की है और उम्मीद व्यक्त की है की उन्होंने जो वादा किया है वह पूरा होगा

बहरहाल उद्योग मंत्री सतेंद्र जैन से मिलाने के बाद बेशक कारोबारी रहत महसूस करें लेकिन जिस तरह उद्योग मंत्री सतेंद्र जैन ने डीएसआईआईडीसी अधिकारीयों की मंशा पर सवाल उठाएं है उससे साफ़ है की दिल्ली सरकार और अधिकारीयों के बीच तकरार अभी बाकि है।
डबल ए न्यूज़

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