नरेला में सडक पर मृतक ASI का शव रखकर किया विरोध और सीबीआई जांच की मांग

AA News
Narela ( New Delhi )
दिल्ली पुलिस के ऊपर दिल्ली पुलिस के एक मृतक ASI के परिवार को ही नहीं है भरोसा। न्याय के लिए की सीबीआई जांच की मांग की । दिल्ली पुलिस के एएसआई की थाने में संदिग्ध हालत में हुई थी मौत । पुलिस फिलहाल उसे आत्महत्या के नजरिए से कर रही है जांच , पर परिजनों ने लगाया साजिश का आरोप । इसी बात से गुस्साए परिजनों को आज जब पोस्टमार्टम के बाद ASI का शव मिला तो परिजनों ने नरेला में सड़क पर शव को रख कर काफी वक्त तक जाम लगाया और मामले की सीबीआई जांच की मांग की । रोहिणी जिला DCP रजनीश गुप्ता ने बताया की इस मामले में पोस्ट मार्टम डॉक्टर्स के पैनल से करवाया गया है और साथ ही जांच क्राइम ब्रांच को सौप दी गई है पर परिवार इससे संतुष्ट नजर नही आया

 

नरेला में पुलिस कॉलोनी के पास सड़क के चौक पर शव रखकर प्रोटेस्ट कर रहे ये लोग दिल्ली पुलिस के ASI रमेश के परिजन है । दरअसल दो दिन पहले गुरुवार को एस आई रमेश की रोहिणी साउथ थाने में संदिग्ध हालत में मौत हो गई थी । ASI रमेश की मालखाने में ड्यूटी थी और गुरुवार की शाम को घर नहीं आए सुबह थाने के बैरकनुमा एक कमरे में बिस्तर के ऊपर रमेश का शव मिला। रमेश के छाती के नीचे के हिस्से में गोली लगी थी और दो रिवाल्वर पास में पड़ी थी । रमेश का शव आधा बेड के ऊपर तो आधा नीचे था इसके बाद पुलिस ने इस मामले में कई एंगल से जांच का आश्वासन दिया था और डॉक्टर्स के पैनल से ASI रमेश का पोस्टमार्टम करवाया गया है । आज पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा गया तो पुलिस कॉलोनी और उसके आसपास के सभी लोग इसे एक साजिशन हत्या मानकर जांच की मांग कर रहे थे और शव को सड़क पर रखकर कई घंटे तक जाम लगाया परिजनों का आरोप है कि दिल्ली पुलिस इसे आत्महत्या के नजरिए से जांच कर रही है जिस थाने में ASI रमेश तैनात थे उसी रोहिणी साउथ थाने के एसएचओ पर परिजनों का आरोप है कि वह इनके घर पर आकर इसे साफ तौर पर आत्महत्या कह रहे थे।

ASI Ramesh Family Narela Police Colony

ASI Ramesh Family Narela Police Colony


ASI रमेश मूल रूप से बिहार के रहने वाले थे और नरेला के सेक्टर-5 की पुलिस कॉलोनी में परिवार के साथ रहते थे। एएसआई रमेश के परिवार में उसके दो बच्चे और पत्नी है । छोटा बच्चा नौवीं क्लास में पढ़ता है तो बड़ा बच्चा 12वीं क्लास का छात्र है । ASI रमेश की पत्नी और बच्चे इस मामले में सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं क्योंकि इनका कहना है कि बुधवार को ASI रमेश घर से ड्यूटी के लिए गए थे किसी भी तरह की कोई अनबन नहीं थी और बुधवार शाम को आधार कार्ड लिंक को लेकर उनकी घर पर फोन से बातचीत भी हुई थी तो रात को ऐसा क्या हुआ कि गोली लगे हुए गुरुवार सुबह थाने में देखा गया जब तक ASI रमेश की मौत हो चुकी थी।
परिवार का आरोप है कि थाने में सीसीटीवी की रिकॉर्डिंग नहीं मिली , साथ ही रिश्तेदारों का कहना है कि उन्हें कुछ खून के धब्बे भी थाने के अंदर दिखाई दिए साथ में जो रिवाल्वर थी वह बिल्कुल हाथ में ना होकर थोड़ी दूर पर पड़ी थी साथ ही परिवार का कहना है कि आत्महत्या की तो उन्होंने अपनी कनपटी पर शूट क्यों नहीं किया छाती के नीचे हिस्से पर शूट करने पर परिजनों को आशंका है कि कोई भी शख्स किसी टेंशन में खुदकुशी भी करता है तो वह अपनी कनपटी पर रिवाल्वर चलाता है न की पेट के हिस्से पर । जब इंसान किसी भी टेंशन में होता है तो अपना हाथ या हाथ की अंगुलियों का अगला सिरा हमेशा अपने माथे से लगाता है ना कि पेट पर । टेंशन में किसी की खुदकुशी करना और वह भी पेट के हिस्से में गोली लगना कई सवाल खड़े करता है परिजनों को आशंका है कि दिल्ली पुलिस का एक जवान इस हादसे में चला गया और कहीं इसमें कुछ साजिश हो और आरोपी भी कोई दिल्ली पुलिस का जवान ही हो सकता है यह भी संभव है कि पुलिस अपने तैयार किए गए 2 जवान नहीं खोना चाहती हो, इसलिए दूसरे जवान को बचाने के लिए परिजनों का आरोप है कि इसे आत्महत्या का रुप दिया जा रहा है । फिलहाल दिल्ली पुलिस ने शुरू में ही इस मामले में स्पष्ट कर दिया था कि वे कई एंगल से जांच कर रहे हैं लेकिन प्राथमिक तौर पर यह मामला आत्महत्या का नजर आ रहा है । फिलहाल पीड़ित परिवार सीबीआई जांच की मांग कर रहा है और देखने वाली बात होगी कि आखिरकार दिल्ली पुलिस की जांच में क्या आता है । रोहिणी जिला DCP रजनीश गुप्ता ने बताया की इस मामले में पोस्ट मार्टम डॉक्टर्स के पैनल से करवाया गया है और साथ ही जांच क्राइम ब्रांच को सौप दी गई है पर परिवार इससे संतुष्ट नजर नही आया

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