तपशिल जाति आदिवासी प्रकटन सैनिक कृषि विकास शिल्प केंद्र की देश को तम्बाकू रहित करने की मुहिम जारी

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तपशिल जाति आदिवासी प्रकटन सैनिक कृषि विकास शिल्प केंद्र की देश को तम्बाकू रहित करने की जारी हैं कवायद
हर दिन गावों व कस्बों को तंबाकू रहित करने की जी तोड मेहनत करता संगठन
विश्व तंबाकू दिवस से शुरू हुआ महारेली का आयोजन हर दिन होता हैं जागरुकता अभियान
सचिव सौमन कोले
दिल्ली ,20 जूलाई 2017। धूम्रपान से होने वाले बूरे परिणमों के प्रति समाज में जागरुकता लाने के लिए क्या साल में 31 मई तंबाकू दिवस मात्र एक दिन काफी होगा शायद नहीं इसी बात को ध्यान में रखते हुए तपशिल जाति आदिवासी प्रकटन सैनिक कृषि विकास शिल्प केंद ने विश्व तंबाकू दिवस 31 मई 2017 से एक ऐसें अभियान की जंग छेड दी हैं जो हर दिन अपने 6500 वोलिएंटर के माध्यम से बंगाल के प्रत्येक गावों एंव कस्बों को तम्बाकू रहित करने की ठान चुके हैं। संगठन लोगों को तम्बाकू से होने वाले बूरे परिणमों के बारे में बताता हैं साथ ही डाक्टारों की टीम के सहयोग से तम्बाकू छोडने में भी मदद देता हैं। यह जानकारी दिल्ली देष की राजधानी दिल्ली आऐ सचिव सौमेन कोले ने मीडिया से मुललाकात के दौरान होते हुए बताया कि तपशिल जाति आदिवासी प्रकटन सैनिक कृषि विकास शिल्प केंद द्वारा धानीयाखली, हुगली, पश्चिम बंगाल से इस अभियान की शुरुवात की हैं जो आगे चलकर तमाम राज्यों में भी की जाएगी ताकि देश को तम्बाकू रहित किया जा सके क्योकि कहते है कि समृद भारत की कल्पना तब तक नहीं की जा सकती जब तक गावों कस्बों को ना सुधारा जाए इसी को ध्यान मे रखते हुए इस राह पर चल रहे हैं। जिसके लिए संगठन के 6500 कर्मचारी रातदिन प्रयास कर रहे हैं ओर जल्द ही इस अभियान को देश के अन्य राज्यों में भी षुरु किया जाएगा
साथ ही सौमेन कोले ने बताया कि दिल्ली में भी इस तरह की मदद के लिए तैयार हैं कैंसर से भी ज्यादा खतरा हैं त्म्बाकू से जिसके चलते हर रोज ना जाने कितने लोगों का घर बर्बाद होता हैं । संगठन ने 31 मई से अपने अभियान की शुरुवात कर चुके हैं पिछले एक माह से विभिन्न विभिन्न गावों एंव कस्बों में सैकडों लोगों तक पहुच चुका हैं । तंबाकू के नकारात्मक प्रभावों के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए एक जिलां से शुरू होने वाला यह अभियान पश्चिम बंगाल के हर घर तक पहुंचने के लिए संगठन दिन रात प्रयास कर रहा हैं। यह विभिन्न पहल के दौरान जागरूकता पैदा करेगा ताकि छात्रों को ऐसी बुरी चीजों के बारे में जानें। इस घटना का उद्देश्य तंबाकू के लिए लालसा नामक रोग से पीड़ित सभी नागरिकों के बीच ज्ञान को विकसित करना था। तंबाकू के लिए लालसा का मुद्दा आधुनिक समय में एक दुःस्वप्न रहा है और हाल ही में खतरनाक दर से बढ़ रहा है।
कोले ने कहा हमारा संगठन इस रैली व कैंप के माध्यम से आग्रह करता हैं कि देश की युवा पीढी को तम्बाकू की लत से बचाने की जरुरत हैं ।साथ ही साथ कोले ने यह भी बताया कि हमारा संगठन छात्रों के लिए बेटी बचाओ बेटी पढाओ परियोजना और कन्याश्री प्रकल्पा परियोजना के साथ विभिन्न जिलों में सुरक्षित ड्राइविंग के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए सुरक्षित ड्राइव सेव लाइफ प्रोजेक्ट की तरह पूर्व भारत में विभिन्न सामाजिक पहल कदमियां रखता है। प्रत्येक कोने में अध्ययन सामग्री का वितरण करता हैं। सगंठन में कुल 6500 कर्मचारी हैं।
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