राजस्थान का बेटा बना फेशियल किट का ब्रांड एम्बेसडर

राजस्थान का बेटा बना फेशियल किट का ब्रांड एम्बेसडर

कहते हैं जिसने जो ठान लिया। उसे पूरा करते ही हैं। ऐसा कुछ राजस्थान के निर्देशक एवं अभिनेता जीत राजस्थानी ने कर दिखाया।

निर्देशक एवं अभिनेता जीत राजस्थानी को एसकेसीसी पर्सनल केयर प्राइवेट लिमिटेड ने अपने प्रोडक्ट स्वर्ण मैजिक का ब्रांड एम्बेसेडर बनाया है।

यह प्रोडक्ट नीम तुलसी फेशियल किट है।
कंपनी ने जीत राजस्थानी से एक साल के लिए करार किया है। और कंपनी अपने प्रोडक्ट के प्रचार के लिए जीत राजस्थानी के साथ प्रिंट, टेलीविजन के साथ ही फील्ड में भी कैंपेन करेगी।

राजस्थान को फिल्मों में दिखाना और राजस्थान का नाम रोशन करना जीत राजस्थानी का एक सपना है।

इसी वजह से इन्होंने अपने नाम के आगे भी राजस्थानी लगाया हुआ है।

जीत राजस्थानी 2007 से फिल्म इंडस्ट्री में सक्रिय हैं। इस दौरान उन्होंने अभिनय तो किया ही  साथ ही डाइरेक्शन भी किया। इसके साथ ही वे लाइन प्रोड्यूसर के रूप में भी सक्रिय रहे हैं।

 

राजस्थान के लिये जीत राजस्थानी एक मिशाल बनकर उभर रहे हैं।

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कार बनी काल
दो बच्चे कुचले नाबालिक ड्राइवर ने

नाबालिक ने दो मासूमो को कुचला कार से एक कि मौत दूसरा सिरियस। नजफगढ की घटना।

नाबालिक बना बच्चों का काल।  अर्जुन की टैक्सी गाड़ी स्विफ्ट डिजायर को लेकर आया सुशील कुमार अपने घर नंगली डेरी नजफगढ फिर इस गाड़ी को सुशील का नाबालिक लड़का जो कि ग्यारवी क्लास में पड़ता हैं वो बीते सोमवार को सुबह दस बजे गाड़ी चला रहा था गली में जब गाड़ी बेक करने लगा तो उसने पड़ोस के दो मासूम बच्चों को कुचल दिया गाड़ी से निखिल 8 साल ओर निहाल 4 साल को। निखिल की मौत हो गई जबकी निहाल मासूम जिंदगी मौत की जंग लड़ रहा है हॉस्पिटल में। ये घटना घटी लापरवाई की वजय से जो कितना दर्द दे गई जिसकी किसी को आहट तक नही थी। अर्जुन और सुशील आपस में दोस्त है दोस्ती के नाते ही अर्जुन की गाड़ी सुशील लेकर आया। मासूम बच्चे कार और दीवार के बीच में फंस गए जिससे वो निकल भी नही पाए और कार काल बन गई।

बीते सोमवार को ये घटना घटी जिसने सब को हिला दिया। दो भाइयों को कुचल दिया। अब पुलिस तमाम चीजों की कड़ियाँ जोड़ रही है। पुलिस ने गाड़ी को अपने कब्जे में ले लिया हैं और गाड़ी के मालिक अर्जुन समेत सुशील की भूमिकाओं को हादसे से जोड़ रही हैं।

गली के अंदर एक गाड़ी कैसे बच्चों का काल बन गई इसलिए बच्चों के लिए हमेशा सतर्क रहने की जरूरत है।

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