लाइसेंस रद्द के बाद मैक्स हॉस्पिटल शालीमार बाग ने दायर की अपील

लाइसेंस रद्द के बाद मैक्स हॉस्पिटल शालीमार बाग ने दायर की अपील

Max Hospital Shalimar Bagh

Max Hospital Shalimar Bagh

कानून की उचित प्रक्रिया के बाद, हमने मैक्स हॉस्पिटल शालीमार बाग के पंजीकरण रद्द करने के खिलाफ उपयुक्त प्राधिकारी के साथ अपील दायर की है। इससे पहले, हमने दिल्ली सरकार से भी अपने निर्णय की समीक्षा करने और पंजीकरण को बहाल करने का अनुरोध किया था। इस फैसले से हजारों मरीजों और स्थानीय निवासियों के लिए असुविधा हो गई है और यह आसपास के इलाकों में उनकी चिकित्सा आवश्यकताओं के लिए उपयुक्त विकल्प उपलब्ध नहीं है।

मैक्स हॉस्पिटल, शालीमार बाग मासिक आधार पर ओपीडी में लगभग 14000 मरीजों का इलाज करता है, 1600 से अधिक आपातकालीन मरीजों को अटेंड करता है और अतिरिक्त 3,000 इन पेशेंटस का वार्डों में इलाज किया जाता है। रद्द करने के आदेश के अनुपालन में, हमें न केवल ओपीडी और नई आईपीडी को बंद करना पड़ा बल्कि 171 चीमोथेरेपी, 63 सर्जरी और 241 डायलिसिस सत्रों की योजनाबद्ध प्रक्रिया रद्द कर दी गई, पुनर्निर्धारित या हस्तांतरित की गई।
सार्वजनिक कल्याण के हित में, हम सरकार से अस्पताल के पंजीकरण को रद्द करने के अपने फैसले पर पुनर्विचार करने का आग्रह करते हैं।

Following the due process of law, we have filed an appeal with the appropriate authority against cancellation of registration of Max Hospital Shalimar Bagh. Earlier, we had also requested Delhi Government to review their decision and restore the registration. This decision has caused significant inconvenience to thousands of patients and local residents and this is further compounded by unavailability of suitable alternatives for their medical needs in the vicinity.

Max Hospital, Shalimar Bagh on a monthly basis treats around 14000 patients in the OPD, attends to over 1600 emergency patients and additional 3000 are treated in inpatient wards. In compliance of the cancellation order, not only did we have to turn down the OPD and new IPD , but, planned procedures such as 171 chemotherapies, 63 surgeries and 241 dialysis sessions had to be cancelled, rescheduled or transferred.

In the interest of public welfare, we urge the Government to reconsider their decision of cancelling the hospital’s registration.

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