मैक्स अस्पताल शालीमार बाग़ सोमवार से लीगल आप्शन अपनाएगा जिसमें कोर्ट भी जा सकता है हॉस्पिटल

नसीम अहमद व दुष्यंत कुमार
मैक्स अस्पताल शालीमार बाग़ लाइसेंस रद्द के बाद अस्पताल में भर्ती मरीज परेशान हैं जिन्होंने अपोय्मेंट लिया था वे भी परेशान है परेशान मरीजो और तीमारदारो ने अस्पताल के आगे नारेबाजी की और दिल्ली सरकार का विरोध जताया. इसपर मैक्स अस्पताल का कहना है कि इसकी स्टडी कर रहे है कल ही डाक्यूमेंट्स हमारे पास आये है. इसके बाद जो भी लीगली कानूनी आप्शन है वही अपनाएंगे. अभी वीकेंड है सैटरडे सन्डे सरकारी ऑफिस बंद है अगले हफ्ते अपने को डिफेंड करेंगे. कल रात से जो अपाय्मेंट थे लगभग अधिकतर को कॉल किया है सुचना दे दी है. कोशिश में लगे है मरीजो को परेशानी न हो और सरकारी आदेशो का पालन हो.

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दिल्ली में शालीमार बाग़ मैक्स अस्पताल के आगे मरीजो की नारेबाजी . मरीजो के तीमारदार और मरीज अस्पताल की मशीने बाहर नही जाने दे रहे है. लोगो का कहना है डॉक्टर्स की व्यक्तिगत लापरवाही थी अस्पताल का लाइसेस रद्द क्यों ? डिस्चार्ज के बाद अब अपने बाकी इलाज को लेकर चिंतित. पूरे उतरी भारत से आते थे मैक्स अस्पताल में मरीज कुछ मरीजो का केंसर जैसी बीमारियों का इलाज कई साल से जारी था. लोगो को आगे अस्पताल आकर दिखाने की डेट मिली है अब बाकी का इलाज कहा होगा कैसे होगा … ये बात से पूरे उतरी भारत में अलग अलग जगह से मरीज परेशान है. आज सुबह जब अस्पताल की मशीने आदि बाहर जाने लगी तो मरीजो ने गेट बंद कर दिया और अस्पताल के आगे गेट पर बैठकर नारेबाजी करने लगे. यहाँ मरीज अरविन्द केजरीवाल , हेल्थ मनिस्टर सतेन्द्र जैन और दिल्ली सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं.
इस मुद्दे पर मैक्स अस्पताल ने डबल ए न्यूज़ को बताया कि इसकी स्टडी कर रहे है कल ही डाक्यूमेंट्स हमारे पास आये है. इसके बाद जो भी लीगली कानूनी आप्शन है वही अपनाएंगे. अभी वीकेंड है सैटरडे सन्डे सरकारी ऑफिस बंद है अगले हफ्ते अपने को डिफेंड करेंगे. कल रात से जो अपाय्मेंट थे लगभग अधिकतर को कॉल किया है सुचना दे दी है. कोशिश में लगे है मरीजो को परेशानी न हो और सरकारी आदेशो का पालन हो.
अस्पताल के आगे मरीजो और तीमारदारो की भीड़ बढ़ गई है और दिल्ली पुलिस भी मुस्तैद है. फिलहाल दिल्ली पुलिस ने अस्पताल को दोषी पाने पर सख्त कदम उठाते हुए मैक्स अस्पताल शालीमार बाग़ का लाइसेस रद्द कर दिया है क्योकि जीवित बच्चे को मृत बताकर पार्सल में पैक करके देने के बाद जब बच्चे को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया रहा था तो बच्चा जीवित मिला और दुसरे अस्पताल में भर्ती कराया गया जहा ये प्री मेचौर बच्चा चार दिन तक वेंटिलेटर पर ज़िंदा रहा. इससे पूरा देश खफा था अस्पताल की खिलाफ FIR भी दर्ज हुई और अस्पताल ने दोनों डॉक्टर्स को निलम्बित भी कर दिया था . पर अब सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए मैक्स शालीमार बाग़ का लाइसेस रद्द कर दिया अब इलाज करवा रहे मरीज परेशान है.

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