”झूठे मुकदमें दर्ज करने से आन्दोलन नहीं होगा कमजोर“ अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति

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जसिया-रोहतक में अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति की प्रदेष कार्यकारिणी की बैठक में बोलते हुऐ राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री यषपाल मलिक ने कहा कि कैप्टन अभिमन्यु की कोठी की जाँच कर रहे सी.बी.आई अधिकारियों ने हरियाणा सरकार व कैप्टन अभिमन्यु की कठपुतली की तरह काम किया और आन्दोलन को कमजोर करने के लिये राष्ट्रीय महासचिव श्री अषोक बल्हारा का नाम कैप्टन अभिमन्यु के घर फूंकने में डालना यह दर्षाता है कि सरकार शान्तिपूर्वक आन्दोलन को कुचलने के साथ पिछले वर्षों में सरकार द्वारा भाईचारा तोड़ने के प्रयासों को तोड़ने की विफलता से घबराकर सरकार झूठ का सहारा ले रही है। कैप्टन अभिमन्यु के केस में अन्य लोगों के नाम भी राजनीतिक द्वेष से प्रेरित है। कैप्टन राजनीतिक हैसियत को औछे हथकंडों को अपनाकर व लोगों को झूठे मुकदमों में फँसा कर पाना चाहता है, हरियाणा की जनता कैप्टन व बीजेपी को उसका जवाब देगी। और न्याय की लड़ाई न्यायालय में लड़ी जायेगी। इस अवसर पर उन्होंने यह भी बताया कि किस तरह हरियाणा सरकार ने जाटों के साथ अन्य पाँच जातियों के आरक्षण को लटकाने के लिये उच्चतम न्यायालय में अपना पक्ष ना रख कर स्टे लागू होने दिया। उन्होंने कहा कि अगर सरकार की नीयत अपने फैसले लागू करने की है तो वह तुरन्त जाट आरक्षण लागू करने के साथ सभी मुकदमों की वापसी करे। उन्होंने कहा कि 16 अगस्त 2018 से हरियाणा के मुख्यमन्त्री व मन्त्रियों की रैलियों व कार्यक्रमों के विरोध प्रदर्षन के लिये प्रदेष के सभी जिलों में भाईचारा सम्मेलन का आयोजन चल रहा है। जिसमें सरकार की भाईचारा तोड़ने व हरियाणा में जातीय तनाव पैदा करने की नीतियों का खुलासा किया जा रहा है।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि नवम्बर-दिसम्बर 2018 में जाट बाहुल्य राज्यों राजस्थान व मध्य प्रदेष में विधानसभा चुनाव हैं। दोनों राज्यों में जाट समाज के लोगों द्वारा हरियाणा के 18 भाईयों की शहादत के साथ हरियाणा सरकार द्वारा जाट व गैर जाट के बीच नफरत फैलाने के मुद्दे का चुनाव का मुख्य मुद्दा बनाया जायेगा। सभी विधानसभा क्षेत्रों में जाटों के साथ उनके साथ रहने वाली किसान व मजदूर जातियों को भी इससे अवगत कराया जायेगा और सभी विधानसभा क्षेत्रों में सन्देष यात्राओं का आयोजन किया जायेगा।

Jasia Rohtak Hariyana

Jasia Rohtak Hariyana


उन्होंने कहा कि हरियाणा में संगठन को मजबूत करने व राजस्थान व मध्य प्रदेष के जाटों में जाग्रति लाने के लिये हरियाणा के संगठन में श्री महेन्द्र पूनिया को प्रदेष अध्यक्ष नियुक्त किया गया है और वर्तमान प्रदेष अध्यक्ष श्री सूबे सिंह ढाका को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है जिनको राजस्थान के जाग्रति अभियान में लगाया जायेगा। उन्होंने सभी जिलाध्यक्षों को सन्देष दिया कि आन्दोलन को तेज करने के लिये भाईचारा सम्मेलन के आयोजनों के साथ आन्दोलन के लिये क्षेत्रीय प्रभारियों की नियुक्ति गाँव स्तर तक व साथ ही घेराव में लाने वाले ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के रजिस्ट्रेषन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाये।
इस अवसर पर राष्ट्रीय महासचिव एवं प्रभारी हरियाणा श्री अषोक बल्हारा ने कहा कि झूठ के पाँव नहीं होते, बदले की भावना से सरकार द्वारा झूठे मुकदमों से वह विचलित नहीं होंगे और शान्तिपूर्वक आन्दोलन में कन्धे से कन्धा मिलाकर समाज के साथ खड़े रहेंगे। जब तक हरियाणा के सभी भाईयों को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा। हरियाणा सरकार द्वारा चार बार हरियाणा की जनता के सामने समझौते किये, लेकिन हर बार सरकार ने समाज को धोखा दिया। उन्होंने कहा कि सभी समाज के लोग तैयार रहें और जब तक सभी माँगें पूरी नहीं होती, तब तक शान्तिपूर्वक आन्दोलन के जरिये अपनी माँग उठाते रहेंगे।
नव नियुक्त प्रदेष अध्यक्ष श्री महेन्द्र पूनिया ने कहा कि पिछले 12 सालों से वह आन्दोलन में हमेषा सक्रिया रहे, जिसके लिये उन पर झूठे मुकदमों के साथ-साथ, जेल भी जाना पड़ा, लेकिन हमेषा शान्तिपूर्वक आन्दोलन में पीछे हटने का काम नहीं किया और भविष्य में भी जब तक सभी माँगें पूरी नहीं होंगी, तब तक आन्दोलन जारी रहेगा और जो जिम्मेदारी मुझे दी गई है, उसको पूरा करता रहूंगा और जिन जिलों में संगठन कमजोर होगा, वहाँ भी मीटिंगों का आयोजन कर संगठन को मजबूत किया जायेगा। सभी जिला इकाईयों का सहयोग लेकर भविष्य में आन्दोलन की रणनीति तय की जाती रहेगी।
इस अवसर पर सभी जिलों से आये पदाधिकारियों द्वारा सरकार द्वारा जाट समाज के साथ किये जा रहे भेदभाव के खिलाफ आक्रोष जाहिर किया और आष्वासन दिलाया कि 16 अगस्त 2018 के बाद जिलों में मुख्यमन्त्री व उसके मन्त्रियों के घेराव का जो भी कार्यक्रम दिया जायेगा, उसको पूरा करने के लिये जाट समाज के लोग 36 बिरादरी को साथ लेकर पूरा करेंगे और बीजेपी की धर्म व जातियों में बांटने की राजनीति को हरियाणा की धरती में ही दफन किया जायेगा। हर जिले में 36 बिरादरी के लोग भाईचारा सम्मेलनों में शामिल होंगे।

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