AAP के 10 विधायको के खिलाफ एफिडेविट फ़ाइल

 

Video में सूने पूरी बाईट और मामला

AA News
अनिल अत्री दिल्ली
दिल्ली हाई कोर्ट में आम आदमी पार्टी के दस विधायको के खिलाफ एफिडेविट फ़ाइल … कोर्ट ने मांगे थे विधानसभा में मारपीट करने वाले दस विधायको के नाम … जगदीप राणा और उसके साथी मदन की विधानसभा में पर्चे फेंकने पर हुई थी पिटाई और विधानसभा स्पीकर ने विशेषाधिकार का प्रयोग करते हुए जगदीप राणा और मदन को एक महीने की कठोर सजा देते हुए जेल भेज दिया .. अब दिल्ली हाई कोर्ट में एडवोकेट प्रदीप राणा ने इस तरह के विशेषाधिकार के खिलाफ भी पिटिशन दायर कर इसके दुरूपयोग को रोकने की मांग भी उठी है … विशेषाधिकार के तहत किसी भी सदन के द्वारा किसी को भी सजा देने का अधिकार है जिसकी कोई सुनवाई नही .. जिसको एकतरफा सजा सुनाई गई उसको अपना पक्ष रखने का कोई अधिकार तक नही होता …
दिल्ली विधानसभा में पिछले महीने हुए हंगामे में आम आदमी पार्टी के दस विधायक फंसते नजर आ रहे है .. दरअसल विधानसभा के इस विशेष सत्र में दो लोगो पर सदन में पर्चे फेंकने का आरोप लगा और इन दोनों जगदीप राणा और मदन को पर्चे फेंकने के कारण विधानसभा स्पीकर ने विशेषाधिकार का प्रयोग करते हुए एक महीने की कठोर कारवास की सजा सूना दी .. जबकि दोनों आरोपियों के साथ मारपीट के आरोप लगे इनका कहना है कि इनके साथ आम आदमी पार्टी के विधायको ने जमकर मारपीट की .. इनके साथ मारपीट हुई पर ये पक्ष नही रख पाए क्योकि विशेषाधिकार के तहत सीधे जेल भेज दिए गये .. जगदीप राणा और मदन के एडवोकेट मामले को हाई कोर्ट लेकर गये और कोर्ट में रखा की विधानसभा में मारपीट हुई पर फिर भी वे पक्ष नही रख पाए इसपर कोर्ट ने दस मारपीट करने वाले विधायको के नाम एफिडेविट माँगा जो आज दिल्ली हाई कोर्ट में एडवोकेट प्रदीप राणा ने पेश किया .. आज एडवोकेट प्रदीप राणा ने एफिडेविट पेश किया इसमें आम आदमी पार्टी के दस विधायको के नाम है जिनमे अमंतुल्ल्हा खान , जरनैल सिंह , महेंद्र गोयल , सोमनाथ भारती , संजीव झा , राजेश गुप्ता , ऋतुराज , नितिन त्यागी , प्रकाश , प्रवीण कुमार शामिल है ..
अब संभावना है ये दस विधायक मारपीट के केस में फंस सकते है .. साथ मुद्दा विशेषाधिकार का है जिसके तहत सदन किसी को भी सजा सुना सकता है पर उसको पक्ष रखने की अनुमति नही होगी .. इस तरह के विशेषाधिकारो का मिसयूज भी हो सकता है इसको लेकर भी एक बहश शुरू हो गई है .. साथ ही इस मुद्दे को लेकर भी हाई कोर्ट में याचिक दायर हो गई है ..
अब इस मामले पर पोलिटिकल पार्टियां चुप है क्योकि क्योकि राजनैतिक जमात नही चाहेगी की उनके ये विशेषाधिकार छीन जाए ..
फिलहाल इन दस विधायको पर अब कोर्ट के माध्यम से कारवाई हो सकती है फिलहाल कोर्ट में इन दस विधायको के खिलाफ एफिडेविट फ़ाइल हो गया है ..
अनिल अत्री दिल्ली ..

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